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Sunday, 24 March 2019

UPSESSB: एफिलिएटेड प्राइमरी विद्यालयों में लिखित परीक्षा से होगी शिक्षक भर्ती

UPSESSB: एफिलिएटेड प्राइमरी विद्यालयों में लिखित परीक्षा से होगी शिक्षक भर्ती




   


उत्तर प्रदेश के सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों से संबद्ध प्राइमरी स्कूलों में शिक्षकों का चयन अब उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड करेगा। शिक्षकों की भर्ती के लिए लिखित परीक्षा कराई जाएगी और साक्षात्कार को पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है। इसके लिए चयन बोर्ड की नियमावली में 18 फरवरी को संशोधन किया गया है। 


संशोधन होने के बाद प्रदेश के कई जिलों में संबद्ध प्राइमरी स्कूलों में भर्ती के लिए जारी विज्ञापन को निरस्त कर दिया गया है। संबद्ध प्राइमरी स्कूलों में अब तक प्रबंधक नियुक्ति करते थे और उसके लिए जिला विद्यालय निरीक्षक अनुमति देते थे। इन स्कूलों में नियुक्तियों में लाखों रुपये का खेल होता है। भ्रष्टाचार के आरोप भी लगते रहे हैं।



उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ (ठकुराई गुट) के प्रदेश महामंत्री लालमणि द्विवेदी का कहना है कि 7 मई 2017 को ठकुराई गुट ने उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा के साथ प्रथम वार्ता में ही इस मांग का लिखित प्रस्ताव दिया गया था। 

इस संशोधन से विद्यालयों के प्रबंधकों व शिक्षाधिकारियों के बीच सांठगांठ से चल रहे पदों के लूट तंत्र और भ्रष्टाचार पर रोकथाम हो सकेगी तथा मेधावी युवकों को रोजगार के अवसर मिलेंगे।

प्रधानाचार्यों की भर्ती को परीक्षा कराने की मांग
प्रयागराज। सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यो तथा प्रधानाध्यापकों की भर्ती भी लिखित परीक्षा के आधार पर कराने की मांग उठी है। ठकुराई गुट के प्रदेश महामंत्री लालमणि द्विवेदी का कहना है कि प्रधानाचार्यों के पद पर सिर्फ साक्षात्कार के जरिए भर्ती होती है। इसमें लंबे समय से भ्रष्टाचार के आरोप लगते रहे हैं।

आंकड़ों पर एक नजर
प्रदेश में संबद्ध प्राइमरी स्कूलों की संख्या: 573 (316 बालक और 257 बालिका)
जिले में संबद्ध प्राइमरी स्कूलों की संख्या: 51 (30 बालक और 21 बालिका)

Wednesday, 20 March 2019

01जनवरी 2019 से DA 3% बढ़ाने का उत्तर प्रदेश सरकार का आदेश जारी, DA बढ़कर हुआ 12%


सभी शिक्षकों, कर्मचारियों को मँहगाई भत्ता नौ प्रतिशत से बढ़ाकर बारह प्रतिशत देने का आदेश, मार्च,2019 के वेतन से नकद देय होगा । जनवरी, फरवरी दो माह के इस तीन प्रतिशत बढ़ोत्तरी वाले डीए अन्तर को भी इसी वित्तीय वर्ष अर्थात् 31 मार्च,2019 तक देने का आदेश किया गया है जबकि पहले यह अगले वर्ष की मार्च में जाकर मिल पाता था ।








Thursday, 7 March 2019

रसोइयों पर मेहरबान हुई सरकार, बढ़ाया मानदेय , मिलेंगे एप्रिन और ग्लव्स

रसोइयों पर मेहरबान हुई सरकार, बढ़ाया मानदेय , मिलेंगे एप्रिन और ग्लव्स
उत्तर प्रदेश में रसोइयों का मानदेय 1500 हुआ....डायरेक्ट खाते में जायेगा पैसा....
हर साल चयन की जगह संतोषजनक कार्य पर नवीनीकरण....
एप्रन और ग्लव्स भी मिलेंगे विभाग की ओर से...

Appearing मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में एक बार फिर टली सुनवाई, मिली नई डेट, जानिए आज क्या हुआ कोर्ट में वहां मौजूद कुछ नेताओं की सोशल मीडिया पोस्ट्स से

Appearing  मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट ने एक बार फिर तारीख पर तारीख वाला इतिहास दोहराते हुए, बिना सुनवाई किये नई तारीख दे दी। जानिए आज क्या हुआ कोर्ट में वहां मौजूद कुछ नेताओं की सोशल मीडिया पोस्ट्स से---

🙏🏻💐 *सभी साथियो को विशाल लाम्बा का नमस्कार*🙏🏻

जैसा कि आपको अवगत हो गया होगा कि आज सुप्रीम कोर्ट में आपियरिंग मैटर पर फाइनल सुनवाई थी और आज 17 न0 पर अपना केस लगा था । इससे पहले काफी मैटर लंबे थे तो डेट लगने के चांस ज्यादा थे तो सबको उम्मीद थी कि 12 बजे अपना न0 जायगा सब इसके लिए तैयार थे और सबने वकील भी किये थे जितना हो सकता था कुछ बडे को छोड़कर👍
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10:30 पर कोर्ट ने सुनवाई शुरू की 1 न0 से पास ओवर दिया उसके बाद 2 न0 पर काफी टाइम लग गया 3 भी पास ओवर हो गया 4 में समय लगा और इसके साथी लंच से पहले लगभग 16 तक सुनवाई शुरू हुई मैटर लंच के बाद गया जैसा सबने आपको🙏🏻
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बताया उसके बाद 16 पर काफी टाइम लगा  बड़ी निराशा जब 16 के बाद 17 पर अपने केस का इन्तेजार करते हुए लगभग 2:46 PM पर जज साहब ने 17 को स्टार्ट न करते हुए पास ओवर हुए 1 न0 को सुनना शुरू करते हुए 1 घण्टा लगभग लगा दिया केस उम्मीद से ज्यादा लम्बा हो गया क्योकि काफी केस बंच थे कोई ट्रांसपोर्ट का मैटर था😢
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उसके बाद लगभग 3:50 के बाद ऐसा लग रहा था कि 4 बजे का कोर्ट है तो बाकी पास ओवर आइटम न0 3 व 7 जो ओवर हुआ उसको सुना जायगा सब ये ही दुआ कर रहे थे जो कोर्ट रूम में थे की अपना न0 आज न आये कियुकि 10 मिनट में आपNई सुनवाई पूरी नही होगी परन्तु जज साहब का आज पूरे दिन सर्वश्रेष्ठ मूड था हमारे हिसाब से तो सबको उम्मीद थी आज समय नही रहा लम्बी डेट जायगा परन्तु कुछ ही मिनटों में जज साहब ने आइटम न017 जोकि अपना था टेक अप कर सुनना शुरू किया और कहा कि पटवालिया सर् से हल्का सा मजाक किया की सूरी सर् शेखर सर् आप सबको सुनना चाहता हु पर आज तो  सुनवाई सम्भव नही अप्रैल के थर्ड वीक में सुनूंगा कहकर सभी कोर्ट में उपस्थित वकीलो कि फीस लगवा दी ।
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ये सच है कि जब टाइम खत्म होने को था तब हमें उम्मीद नही थी कि आज केस टेक उ
अप होगा पर ये नुकसान सभी उन टीमो का हो गया जिनके वकील उपस्थित थे आज कोर्ट रूम में😢
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परन्तु साथियो आप घर पर हो आप समझ सकते हो हमारी भी नॉकरी है हम अपना बेस्ट दे रहे है परन्तु जज ने सब किया क्या किसी को उम्मीद थी फीस चली गयी ये हमारे लिए अत्यंत तकलीफ की बात है परन्तु जो वकील सुबह से केस के लिए कोर्ट में बैठे रहे इन्तेजार करते थे और शेखर सहाब ने तो बोला कि मैंने लंच भी न किया दूसरे मैटर भी न देखे विशाल आपके मित्र के चक्कर मे क्योंकि इम्पोर्टेन्ट है तो उनसे कैसे बोलू कि फीस माफ करदो?
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जो भी आज रहा इसकी किसी को उम्मीद नही थी परन्तु हम सब आगे लिए तैयार है न झुकेंगे न रुकेंगे लड़ते रहेंगे जबतक न जीते👍
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बाद में आर0 के सिह सर् बात हुई उस वक्त आवेश भाई उमेश जी व अन्य साथी साथ थे हमने बताया सहयोग आता नही कैसे हम वकील की फीस दे सर् तो उन्होंने कहा कि विशाल इसबार मैं याचि हटाने की ऐप्लिसकेशन फाइल करूँगा जो साथ न दे उनकी लिस्ट देखकर वकील फीस ज्यादा मांगते है इनको हटा
और आगे मैं साथ हु मैं पूरे प्रयास में थे आज की आज फाइनल हो जाये(क्योंकि सर् के पास हमें ज्यादा बर्डन होता है हर डेट पर)👍
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क्या करे दोस्तो कुछ नेताओं की जल्दबाजी के चक्कर मे जब इस बेंच में केस चला गया झेलना तो पड़ेगा😢 कुछ तो घर बैठकर केस लड़ रहे आपके नेता और कुछ आर्थिक संकट में आपके साथ खड़े है👍

अगर हमारी फीस गयी वकिलो की तो विरोधियो की भी हम तो वेतन ले रहे वे तो बेरोजगार है देखते है बकरे की माँ कबतक खैर मनाएगी👍
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साथियो आपके आशीर्वाद अपनेपन स्नेह प्रेम सहयोग की आवश्यकता है कृपया सभी साथ दे🙏🏻🙏🏻
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आपके संघर्षो का साथी
आपका भाई
*विशाल कुमार लाम्बा*
मिशन सुप्रीम कोर्ट आपियरिंग मैटर

Wednesday, 6 March 2019

उत्तर प्रदेश में सरकारी कर्मचारियों का बढ़ा DA , जनवरी 2019 से हुआ लागू


उत्तर प्रदेश में सरकारी कर्मचारियों का बढ़ा DA , जनवरी 2019 से हुआ लागू



उत्तर प्रदेश शासन ने दिनांक 1 जनवरी 2019 से सरकारी कर्मचारियों का DA 3% बढ़ा दिया।अब राज्य कर्मचारियों को 9% के बजाय 12% DA मिलेगा। इस का शासनादेश आज दिनांक 6 मार्च 2019 को जारी कर दिया गया है।



Sunday, 3 March 2019

B.Ed. को मिली बेसिक में एंट्री

कैबिनेट ने उ०प्र० बेसिक शिक्षा (अध्यापक) सेवा नियमावली-1981 में 24वें संसोधन को दी मंजूरी, संसोधन से बीएड को मिली बेसिक में एंट्री





Monday, 25 February 2019

पहले से कार्यरत अध्यापकों पर नहीं लागू होगा टीईटी अनिवार्यता कानून- हाईकोर्ट

पहले से कार्यरत अध्यापकों पर नहीं लागू होगा टीईटी अनिवार्यता कानून- हाईकोर्ट



 

 

 

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Allahabad High Court


हाईकोर्ट ने कहा है कि जूनियर ,सीनियर बेसिक स्कूलों में अध्यापको की नियुक्ति में टीईटी की अनिवार्यता कानून पहले से कार्यरत अध्यापको पर लागू नही होगा। 2010 से पहले से कार्यरत अध्यापक के प्रधानाचार्य नियुक्ति मामले में 5 वर्ष का अध्यापन अनुभव रखने वाले अध्यापक की नियुक्ति अवैध नही मानी जा सकती।


साथ ही हाईकोर्ट ने कहा कि,  टीईटी अनिवार्यता इस कानून के लागू होने से पहले के अध्यापको पर लागू नही होगी। ऐसे में बिना टीईटी पास किये अध्यापन अनुभव के आधार पर प्रधानाचार्य पद पर नियुक्ति की जा सकती है।

Sunday, 24 February 2019

जानिए जम्मू कश्मीर में क्या है धारा 370

जम्मू कश्मीर के पास क्या विशेष अधिकार हैं

- धारा 370 के प्रावधानों के मुताबिक संसद को जम्मू-कश्मीर के बारे में रक्षा, विदेश मामले और संचार के विषय में कानून बनाने का अधिकार है।

- किसी अन्य विषय से संबंधित कानून को लागू करवाने के लिए केंद्र को राज्य सरकार की सहमति लेनी पड़ती है।

- इसी विशेष दर्जे के कारण जम्मू-कश्मीर राज्य पर संविधान की धारा 356 लागू नहीं होती। राष्ट्रपति के पास राज्य के संविधान को बर्खास्त करने का अधिकार नहीं है।

- 1976 का शहरी भूमि कानून भी जम्मू-कश्मीर पर लागू नहीं होता।

- भारत के अन्य राज्यों के लोग जम्मू-कश्मीर में जमीन नहीं खरीद सकते हैं। धारा 370 के तहत भारतीय नागरिक को विशेष अधिकार प्राप्त राज्यों के अलावा भारत में कहीं भी भूमि खरीदने का अधिकार है।

- भारतीय संविधान की धारा 360 यानी देश में वित्तीय आपातकाल लगाने वाला प्रावधान जम्मू-कश्मीर पर लागू नहीं होता.

जम्मू-कश्मीर का भारत में विलय करना उस वक्त की बड़ी जरूरत थी। इस कार्य को पूरा करने के लिए जम्मू-कश्मीर की जनता को उस समय धारा 370 के तहत कुछ विशेष अधिकार दिए गए थे। इसी की वजह से यह राज्य भारत के अन्य राज्यों से अलग है।

धारा 370 की बड़ी बातें

- जम्मू-कश्मीर का झंडा अलग होता है।

- जम्मू-कश्मीर के नागरिकों के पास दोहरी नागरिकता होती है।

- जम्मू-कश्मीर में भारत के राष्ट्रध्वज या राष्ट्रीय प्रतीकों का अपमान अपराध नहीं है। यहां भारत की सर्वोच्च अदालत के आदेश मान्य नहीं होते।

- जम्मू-कश्मीर की कोई महिला यदि भारत के किसी अन्य राज्य के व्यक्ति से शादी कर ले तो उस महिला की जम्मू-कश्मीर की नागरिकता खत्म हो जाएगी।

- यदि कोई कश्मीरी महिला पाकिस्तान के किसी व्यक्ति से शादी करती है, तो उसके पति को भी जम्मू-कश्मीर की नागरिकता मिल जाती है।

- धारा 370 के कारण कश्मीर में रहने वाले पाकिस्तानियों को भी भारतीय नागरिकता मिल जाती है।

- जम्मू-कश्मीर में बाहर के लोग जमीन नहीं खरीद सकते हैं।

- जम्मू-कश्मीर की विधानसभा का कार्यकाल 6 साल होता है। जबकि भारत के अन्य राज्यों की विधानसभाओं का कार्यकाल 5 साल होता है।

- भारत की संसद जम्मू-कश्मीर के संबंध में बहुत ही सीमित दायरे में कानून बना सकती है।

- जम्मू-कश्मीर में महिलाओं पर शरियत कानून लागू है।

- जम्मू-कश्मीर में पंचायत के पास कोई अधिकार नहीं है। 

- धारा 370 के कारण जम्मू-कश्मीर में सूचना का अधिकार (आरटीआई) लागू नहीं होता। 

- जम्मू-कश्मीर में शिक्षा का अधिकार (आरटीई) लागू नहीं होता है। यहां सीएजी (CAG) भी लागू नहीं है।

- जम्मू-कश्मीर में काम करने वाले चपरासी को आज भी ढाई हजार रूपये ही बतौर वेतन मिलते हैं।

- कश्मीर में अल्पसंख्यक हिन्दूओं और सिखों को 16 फीसदी आरक्षण नहीं मिलता है।