Welcome to BASIC KA TEACHER.COM

Translate

Showing posts with label Admission. Show all posts
Showing posts with label Admission. Show all posts

Wednesday, 12 February 2020

B.Ed. संयुक्त परीक्षा के लिए आज से आवेदन शुरू,8 अप्रैल को होगी प्रवेश परीक्षा, कुल 2 लाख सीट ,

B.Ed. संयुक्त परीक्षा के लिए आज से आवेदन शुरू,8 अप्रैल को होगी प्रवेश परीक्षा, कुल 2 लाख सीट , 


Thursday, 18 October 2018

एमफिल, पीएचडी में दाखिले का नियम बदलेगी सरकार

लिखित परीक्षा और इंटरव्यू के अंकों को मिलाकर बनेगी पात्रता सूची, करीब दो महीने के भीतर नियमों में होगा यह दूसरा बदलाव

जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली: एमफिल और पीएचडी के दाखिले से जुड़े नियमों में सरकार अब एक और बदलाव की तैयारी में है। इसके तहत इनमें प्रवेश के लिए अकेले इंटरव्यू ही चयन का आधार नहीं बनेगा। इसके साथ लिखित परीक्षा के भी अंकों को जोड़कर योग्यता सूची (मेरिट लिस्ट) तैयार होगी। इसके आधार पर छात्रों को इन कोर्सो में प्रवेश देने की योजना है। नई व्यवस्था में लिखित परीक्षा के लिए 70 फीसद अंक नियत रहेंगे। इंटरव्यू के लिए 30 फीसद अंक रहेंगे। 1खास बात यह है कि इस समय भी इन कोर्सो में प्रवेश के लिए लिखित परीक्षा और इंटरव्यू आयोजित की जाती है। लेकिन, मौजूदा नियमों के मुताबिक, लिखित परीक्षा पास करने के बाद छात्र सिर्फ इंटरव्यू तक ही पहुंच सकते हैं। दाखिले के लिए इंटरव्यू में अच्छे नंबर पाना जरूरी है। इस व्यवस्था को लेकर छात्रों के एक बड़े वर्ग में असंतोष है, जिसकी शिकायत भी उन्होंने दर्ज कराई थी। इसके बाद ही सरकार की ओर से इसे लेकर मंथन शुरू किया गया। छात्रों की शिकायत थी कि मौजूदा व्यवस्था में लिखित परीक्षा में अच्छे अंक मिलने के बाद भी उन्हें प्रवेश नहीं मिल पा रहा है। छात्रों ने इंटरव्यू टीम पर भी भेदभाव करने के आरोप लगाए थे। 1सरकार ने छात्रों की शिकायतों को देखते हुए पूरी व्यवस्था को पारदर्शी बनाने की दिशा में कदम उठाया है। इसके तहत लिखित परीक्षा और इंटरव्यू के अंकों को जोड़कर मेरिट लिस्ट के आधार पर प्रवेश देने की योजना बनाई गई है। मंत्रलय से जुड़े सूत्रों की मानें तो इस पूरी योजना को लेकर मंत्रलय और यूजीसी के बीच चर्चा हो चुकी है। दोनों ने ही इस बदलाव को लेकर अपनी सहमति दे दी है। ऐसे में इसे लेकर जल्द ही नया नोटीफिकेशन जारी होने की उम्मीद है। दो महीने के भीतर ही सरकार एमफिल और पीएचडी के लिए न्यूनतम मानदंड और प्रक्रिया नियमों में दूसरा बदलाव करने की तैयारी में है। इससे पहले 27 अगस्त 2018 को भी एससी, एसटी, ओबीसी के लिए प्रवेश नियमों में बदलाव को आदेश जारी किए गए थे।

Monday, 15 October 2018

उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय की प्रवेश तिथि बढ़ी




उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय की satr 2018-19  के लिए प्रवेश तिथि को म. कुलपति ने बढ़ा कर 22 अक्टूबर 2018 कर दिया है।


N


Thursday, 8 June 2017

चार तकनीकी संस्थानों में ऑनलाइन आवेदन आज से

चार तकनीकी संस्थानों में ऑनलाइन आवेदन आज से

डीटीयू, आइजीडीटीयूडब्ल्यू, आइआइआइटी, एनएसआइटी में दिल्ली के छात्रों के लिए है 85 फीसद आरक्षण1

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली1 दिल्ली के चार तकनीकी संस्थानों में दाखिले के लिए ज्वाइंट एडमिशन काउंसिलिंग (जेएसी) के पोर्टल पर 8 जून से रजिस्ट्रेशन शुरू हो सकता है। बीटेक, बीई और बीआर्क की 3350 सीटों के लिए जिन चार संस्थानों में यह प्रक्रिया होनी है, उसमें दिल्ली प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (डीटीयू), इंदिरा गांधी दिल्ली प्रौद्योगिकी महिला विश्वविद्यालय (आइजीडीटीयूडब्ल्यू), इंद्रप्रस्थ इंस्टीट्यूट ऑफ इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (आइआइआइटी) दिल्ली, नेताजी सुभाष इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एनएसआइटी) शामिल हैं। 1 छात्र Aंङ्घीि’ँ्र.ल्ल्रङ्घ.्रल्ल पर आवेदन कर सकते हैं। जेईई परीक्षा के रोल नंबर, मोबाइल नंबर और ईमेल आइडी के जरिये रजिस्ट्रेशन करना होगा। रजिस्ट्रेशन फीस के रूप में ऑनलाइन ही 1400 रुपये का भुगतान करना होगा। इसके बाद फिर पोर्टल पर जाकर संबंधित जानकारी अपडेट करनी होगी।1डीटीयू में इस वर्ष सीटों की संख्या 1900 से अधिक होने की संभावना है। सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग, मैथमैटिक्स एंड कंप्यूटिंग, प्रोडक्शन एंड इंडस्टियल इंजीनियरिंग, बॉयो टेक्नोलॉजी और मेकैनिकल इंजीनियरिंग की सीटों में वृद्धि की गई है। बैचलर ऑफ इंजीनियरिंग में दाखिला सीबीएसई द्वारा आयोजित संयुक्त प्रवेश परीक्षा (जेईई 2017) के पेपर-1 की रैंकिंग के आधार पर किया जाएगा।1गौरतलब है कि ये चारों संस्थान दिल्ली सरकार द्वारा वित्तपोषित हैं, इसलिए 85 फीसद सीटें दिल्ली के छात्रों के लिए आरक्षित हैं। बीटेक, बीआर्क, और बीई के कोर्स की अवधि चार साल है।

अब डीएलएड के लिए 14 जून से करिए आवेदन

अब डीएलएड के लिए 14 जून से करिए आवेदन

राज्य ब्यूरो, इलाहाबाद : बेसिक टीचर ट्रेनिंग यानी बीटीसी को शासन ने सत्र 2016 से ही बॉय-बॉय कर दिया है। नए भर्ती आदेश में हर जगह डीएलएड यानी डिप्लोमा इन एलीमेंटरी एजुकेशन दर्ज हो गया है। इस बार प्रवेश के नियमों में छिटपुट बदलाव हुआ है लेकिन कोर्स का पाठ्यक्रम, अवधि, फीस, आयु सीमा आदि पहले की तरह ही है। परीक्षा नियामक प्राधिकारी सचिव को मंगलवार को डीएलएड 2016 सत्र का शासनादेश मिल गया है। इसके लिए 14 जून से ऑनलाइन आवेदन लिए जाएंगे। डीएलएड की प्रवेश प्रक्रिया में बड़ा बदलाव यह है कि इस बार सब कुछ ऑनलाइन है। 1अभ्यर्थी आवेदन से लेकर फीस जमा करने व काउंसिलिंग तक की प्रक्रिया ऑनलाइन कर सकेंगे। सचिव डा. सुत्ता सिंह ने मंगलवार को एनआइसी के अधिकारियों को ऑनलाइन आवेदन का कार्यक्रम मंजूरी के लिए भेजा है। सचिव ने बताया कि उन्होंने 12 जून से ही ऑनलाइन आवेदन लेने का कार्यक्रम बनाया था, लेकिन एनआइसी 14 जून से आवेदन लेने को सहमत हुआ है। बुधवार को ऑनलाइन आवेदन का पूरा कार्यक्रम जारी होने के आसार हैं। उन्होंने बताया कि डीएलएड की कक्षाएं सितंबर के दूसरे सप्ताह में आठ या नौ सितंबर से शुरू होंगी। इस बार सीटों में भी बदलाव नहीं हुआ है, बल्कि बीटीसी 2015 में जिन कालेजों में प्रवेश हुआ उन्हीं कालेजों में डीएलएड 2016 का प्रवेश होना है।राज्य ब्यूरो, इलाहाबाद : बेसिक टीचर ट्रेनिंग यानी बीटीसी को शासन ने सत्र 2016 से ही बॉय-बॉय कर दिया है। नए भर्ती आदेश में हर जगह डीएलएड यानी डिप्लोमा इन एलीमेंटरी एजुकेशन दर्ज हो गया है। इस बार प्रवेश के नियमों में छिटपुट बदलाव हुआ है लेकिन कोर्स का पाठ्यक्रम, अवधि, फीस, आयु सीमा आदि पहले की तरह ही है। परीक्षा नियामक प्राधिकारी सचिव को मंगलवार को डीएलएड 2016 सत्र का शासनादेश मिल गया है। इसके लिए 14 जून से ऑनलाइन आवेदन लिए जाएंगे। डीएलएड की प्रवेश प्रक्रिया में बड़ा बदलाव यह है कि इस बार सब कुछ ऑनलाइन है। 1अभ्यर्थी आवेदन से लेकर फीस जमा करने व काउंसिलिंग तक की प्रक्रिया ऑनलाइन कर सकेंगे। सचिव डा. सुत्ता सिंह ने मंगलवार को एनआइसी के अधिकारियों को ऑनलाइन आवेदन का कार्यक्रम मंजूरी के लिए भेजा है। सचिव ने बताया कि उन्होंने 12 जून से ही ऑनलाइन आवेदन लेने का कार्यक्रम बनाया था, लेकिन एनआइसी 14 जून से आवेदन लेने को सहमत हुआ है। बुधवार को ऑनलाइन आवेदन का पूरा कार्यक्रम जारी होने के आसार हैं। उन्होंने बताया कि डीएलएड की कक्षाएं सितंबर के दूसरे सप्ताह में आठ या नौ सितंबर से शुरू होंगी। इस बार सीटों में भी बदलाव नहीं हुआ है, बल्कि बीटीसी 2015 में जिन कालेजों में प्रवेश हुआ उन्हीं कालेजों में डीएलएड 2016 का प्रवेश होना है।

Wednesday, 19 April 2017

इंजीनियरिंग और मैनेजमेंट में भी होंगे नीट से दाखिले

इंजीनियरिंग और मैनेजमेंट में भी होंगे नीट से दाखिले

मनीष तिवारी ’ ग्रेटर नोएडा1केंद्रीय मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री महेंद्र नाथ पांडे ने कहा है कि उच्च शिक्षा में सुधार के लिए मंत्रलय नए सिरे से गाइड लाइन तैयार कर रहा है। मेडिकल दाखिले में राष्ट्रीय पात्रता प्रवेश परीक्षा (एनईईटी) की सफलता के बाद इसे इंजीनियरिंग व मैनेजमेंट के लिए आयोजित होने वाली प्रवेश परीक्षाओं में भी लागू करने की योजना है। मानव संसाधन विकास मंत्रलय इस पर जल्द ही मुहर लगाएगा। 1नॉलेज पार्क स्थित आइआइएमटी कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में मंगलवार को विशेष बातचीत में उन्होंने कहा कि नई गाइड लाइन से फीस, प्लेसमेंट व पढ़ाई आदि में व्यापक सुधार होगा। प्लेसमेंट में सुधार के लिए स्टार्ट अप इंडिया, स्किल इंडिया पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। 1शिक्षा बजट पर कहा कि पूर्व में कोठारी आयोग ने देश के पूरे बजट का कम से कम छह फीसद बजट शिक्षा पर खर्च करने की सिफारिश की थी। सरकार ने शिक्षा बजट को बढ़ाते हुए 4.4 फीसद कर दिया है। इसे छह फीसद तक ले जाने का प्रयास होगा। कहा कि पिछले पंद्रह वर्षों में प्रदेश सरकारों ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार का कोई प्रयास नहीं किया। यही कारण है कि प्रदेश के निजी कॉलेज मानव संसाधन विकास मंत्रलय की टॉप-100 में नहीं आ सके।मनीष तिवारी ’ ग्रेटर नोएडा1केंद्रीय मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री महेंद्र नाथ पांडे ने कहा है कि उच्च शिक्षा में सुधार के लिए मंत्रलय नए सिरे से गाइड लाइन तैयार कर रहा है। मेडिकल दाखिले में राष्ट्रीय पात्रता प्रवेश परीक्षा (एनईईटी) की सफलता के बाद इसे इंजीनियरिंग व मैनेजमेंट के लिए आयोजित होने वाली प्रवेश परीक्षाओं में भी लागू करने की योजना है। मानव संसाधन विकास मंत्रलय इस पर जल्द ही मुहर लगाएगा। 1नॉलेज पार्क स्थित आइआइएमटी कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में मंगलवार को विशेष बातचीत में उन्होंने कहा कि नई गाइड लाइन से फीस, प्लेसमेंट व पढ़ाई आदि में व्यापक सुधार होगा। प्लेसमेंट में सुधार के लिए स्टार्ट अप इंडिया, स्किल इंडिया पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। 1शिक्षा बजट पर कहा कि पूर्व में कोठारी आयोग ने देश के पूरे बजट का कम से कम छह फीसद बजट शिक्षा पर खर्च करने की सिफारिश की थी। सरकार ने शिक्षा बजट को बढ़ाते हुए 4.4 फीसद कर दिया है। इसे छह फीसद तक ले जाने का प्रयास होगा। कहा कि पिछले पंद्रह वर्षों में प्रदेश सरकारों ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार का कोई प्रयास नहीं किया। यही कारण है कि प्रदेश के निजी कॉलेज मानव संसाधन विकास मंत्रलय की टॉप-100 में नहीं आ सके।