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Tuesday, 25 April 2017

सीएस फाउंडेशन का बदला पाठ्यक्रम

सीएस फाउंडेशन का बदला पाठ्यक्रम

जासं, कानपुर : कंपनी सेक्रेट्री के फाउंडेशन कोर्स में इस बार से बदलाव किया गया है। ऐसा परिवर्तन कंपनी सेक्रेट्री की नई जिम्मेदारियों के चलते हुआ है। 1कारपोरेट सेक्टर एवं कंपनी एक्ट में होने वाले बदलावों के चलते सीएस इंस्टीट्यूट ने फाउंडेशन प्रोग्राम में नए कोर्स को लागू कर दिया गया है। जून 2018 में होने वाली परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों को इस नए कोर्स के अनुसार ही पढ़ना होगा। जो छात्र छात्रएं जून 2017 और दिसंबर 2017 में फाउंडेशन की परीक्षा पास नहीं कर पाएंगे उन्हें जून 2018 में नए कोर्स के साथ ही रजिस्ट्रेशन कराना होगा। जून 2018 से पुराने कोर्स की परीक्षाएं नहीं कराई जाएंगी। नए कोर्स में इंस्टीट्यूट ने आर्थिक विषयों पर विशेष ध्यान दिया है। कंपनी सेक्रेट्री का पाठ्यक्रम तीन चरणों में होता है जिनमें पहला फाउंडेशन लेवल (आठ माह), दूसरा एक्जीक्यूटिव (नौ माह) और तीसरा प्रोफेशनल लेवल (नौ माह)। कंपनी सेक्रेट्री की परीक्षाएं साल में दो बार जून और दिसंबर में निर्धारित तिथि पर होती हैं और इनका परिणाम 25 अगस्त व 25 फरवरी को जारी किया जाता है। इंस्टीट्यूट आफ कंपनी सेक्रेट्री आफ इंडिया कानपुर चेप्टर के पूर्व चेयरमैन अंकुर श्रीवास्तव के मुताबिक कंपनी सेक्रेट्री का कोर्स तीन चरणों फाउंडेशन, एक्जीक्यूटिव व प्रोफेशनल में विभाजित होता है। यह पाठ्यक्रम छात्रों को पूरी तरह से ट्रेंड कर देता है। कंपनी लॉ 2013 में कंपनी सेक्रेट्री के रोल को बहुत ज्यादा बढ़ा दिया है। इसी के मद्देनजर इंस्टीट्यूट ने इस बार फाउंडेशन कोर्स में बदलाव किया है।

हर साल होगी 33 हजार पुलिसकर्मियों की भर्ती, चार साल में भर जाएंगे सारे पद,

हर साल होगी 33 हजार पुलिसकर्मियों की भर्ती, चार साल में भर जाएंगे सारे पद,

योगी सरकार के पुलिस भर्ती रोडमैप को मिली सुप्रीमकोर्ट की हरी झंडी

जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार हर साल करीब 33 हजार पुलिस कर्मियों की भर्ती करेगी। चार साल में खाली पड़े सभी पदों को भर देगी। सोमवार को प्रदेश सरकार के पुलिस भर्ती रोडमैप को सुप्रीमकोर्ट ने मंजूर कर लिया। साथ ही कोर्ट ने प्रदेश सरकार को सचेत भी किया कि अगर कोर्ट को दी गई समय सीमा का पालन नहीं हुआ तो अधिकारी निजी तौर पर जिम्मेदार होंगे। इतना ही नहीं हर साल भर्ती का विज्ञापन निकलने और रिजल्ट घोषित होने के बीच राज्य पुलिस भर्ती बोर्ड का अध्यक्ष नहीं बदला जाएगा।

कोर्ट ने ये आदेश देश भर में पुलिस कर्मियों के खाली पड़े पदों का मुद्दा उठाने वाली वकील मनीष कुमार की याचिका पर सुनवाई के दौरान दिये। पिछली सुनवाई पर कोर्ट ने पुलिस के खाली पड़े पदों पर नाराजगी जताते हुए यूपी सहित छह राज्यों के प्रमुख सचिव गृह को तलब किया था और पेश होकर रिक्तियां भरने का रोडमैप देने को कहा था।

यूपी के प्रमुख सचिव गृह सोमवार को कोर्ट में पेश हुए। प्रदेश के वकील रवि प्रकाश मेहरोत्र ने कोर्ट के समक्ष भर्तियों का रोडमैप पेश करते हुए कहा कि चार साल में सारे पद भर दिये जाएंगे। पेश आंकड़ों के मुताबिक सब इंस्पेक्टर के कुल 11376 पद खाली हैं। इसके अलावा भविष्य में होने वाली रिक्तियों को देखते हुए सरकार हर साल 3200 सब इंस्पेक्टरों की भर्ती करेगी। सब इंस्पेक्टरों की भर्ती की शुरुआत अगले साल जनवरी से होगी। जनवरी में विज्ञापन निकलेगा और अक्टूबर में रिजल्ट घोषित होगा। उसके अगले वर्ष फरवरी 2019 से ट्रेनिंग शुरू होगी और जनवरी 2020 में टेनिंग खत्म होगी। यही प्रक्रिया चार साल तक अपनाई जाएगी सरकार का कहना है कि जनवरी 2022 तक सब इंस्पेक्टरों के सारे पद भर दिये जाएंगे। इसी तरह चार साल में 1.20 लाख सिपाहियों की भर्ती होगी। अभी प्रदेश में सिपाहियों के कुल 1.02 लाख पद खाली हैं। रिक्त पदों और भविष्य की रिक्तियों को देखते हुए हर साल करीब तीस हजार सिपाहियों की भर्ती होगी। ये प्रक्रिया तीन महीने बाद अगस्त से शुरू हो जाएगी। अगस्त में विज्ञापन निकलेगा और जून 2018 में रिजल्ट घोषित होगा। अक्टूबर 2018 में ट्रेनिंग शुरू होगी और सितंबर 2019 में ट्रेनिंग पूरी होगी। ये रोड मैप प्रदेश में ट्रेनिंग की क्षमता और उम्मीदवारों के भविष्य की संभावनाओं को देखते हुए तैयार किया गया है।

मुख्य न्यायाधीश जेएस खेहर की पीठ ने आदेश दिया कि भर्ती प्रक्रिया के बीच में विज्ञापन से रिजल्ट तक भर्ती बोर्ड का अध्यक्ष नहीं बदला जाएगा। साथ ही स्पष्ट किया कि अगर रोड मैप में दी गई समयसीमा का पालन नहीं किया जाता तो कोर्ट में पेश हुए अधिकारी (प्रमुख सचिव गृह) निजी तौर पर जिम्मेदार होंगे।

इसके बाद कोर्ट के आदेश के मुताबिक पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड, कर्नाटक और तमिलनाडु के अधिकारी अपने अपने रोड मैप लेकर पेश हुए। कोर्ट बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल के रोड मैप से संतुष्ट नहीं हुआ कोर्ट ने इन राज्यों को यूपी की भांति ही भर्ती योजना की स्पष्ट रूप रेखा पेश करने का निर्देश दिया है।

मामले में पिछली सुनवाई को पेश आंकड़ों के मुताबिक यूपी में करीब डेढ़ लाख, पश्चिम बंगाल में 37 हजार कर्नाटक में 24 हजार, झारखंड में 26 हजार, बिहार में 34 हजार और तमिलनाडु में 19 हजार पद खाली पड़े हैं। याचिका में 2015 का आंकड़ा दिया गया है जिसके मुताबिक देश भर में पुलिस के 5.42 लाख पद खाली पड़े हैं।

शिक्षा मित्रों ने देश के सबसे महंगे व् टॉप लायर्स हरीश साल्वे को उतारा , टॉप लायर्स राम जेठमलानी , महालक्मी पवनी इत्यादि की बड़ी टीम के साथ

शिक्षा मित्रों ने देश के सबसे महंगे व् टॉप लायर्स हरीश साल्वे को उतारा , टॉप लायर्स राम जेठमलानी , महालक्मी पवनी इत्यादि की बड़ी टीम के साथ


शिक्षा मित्रों ने देश के  सबसे महंगे व् टॉप लायर्स हरीश साल्वे को उतारा , टॉप लायर्स राम जेठमलानी , महालक्मी पवनी इत्यादि की बड़ी टीम के साथ 
कल की सुनवाई में कई पक्षों के करोडो रूपए के वकील दांव पर होंगे , लाखों शिक्षा मित्र जॉब पर हैं और हाई कोर्ट की बेंच में हार चुके हैं , ऐसे में चंदा इकट्ठा कर पैसों द्वारा बड़े बड़े नामी गिरामी वकील हायर करने में कोई कसर नहीं छोड़ी | 

यह देखना दिलचस्प होगा की क्या इतने बड़े बड़े वकील इलाहबाद हाई कोर्ट की बैंच का फैसला पलट पाने में कामयाब हो पाएंगे की नहीं | 

दूसरी तरफ लाखों टेट पास , बीटीसी पास अभ्यर्थी एड़ी चोटी का जोर लगा कर शिक्षा मित्रों की भर्ती और उनके केस के  विरुध्द खड़े  हुए हैं | 

शिक्षा मित्रों द्वारा कल की तैयारी के बारे में  :- 

राजकुमार यादव लखनऊ >>
संयुक्त सक्रिय टीम ने २६ अप्रैल के लिए हरीश एन साल्वे जी को किया हायर!
शिक्षामित्र साथियों आप सभी को अवगत कराना चाहूँगा २६ अप्रैल की सुनवाई हेतु टॉप मोस्ट सीनियर अधिवक्ता हरीश एन साल्वे जी को संयुक्त सक्रिय टीम द्वारा २० अप्रैल को ही हायर कर लिया था। जिसकी पुष्टि टीम ब्रीफ होने के पश्चात ही करना चाहती थी। लेकिन आज कल चंदा चोर लोग कुछ ज्यादा ही पोस्ट डालने लगे हैं इसलिए पोस्ट करना पड़ रहा है। जबकि आप सभी जानते हैं कि एक सीनियर अधिवक्ता कोई ब्रीफ जब ले लेता है तो दूसरे की ब्रीफ नहीं लेता है। 
साल्वे जी के लिए टीम के AOR जी बालाजी ने चैम्बर से सम्पर्क किया और सीनियर अधिवक्ता महालक्ष्मी पवनी जी को १९ अप्रैल को (HNS office से Mail) चैंबर से १० लाख एडवांस फीस भी जमा करने को कहा और शेष ५ लाख ब्रीफ के समय, टीम ने १० लाख २० अप्रैल को ही फीस जमा करा दिया था।
साल्वे जी की ब्रीफिंग जैसे ही होती है आप सभी को सूचित कर दिया जाएगा। 
टीम का उद्देश्य न कभी श्रेय लेने को था, न पैसा कमाने को, केवल एक मात्र उद्देश्य केस जीतने से है। जिसको नौटंकी करनी होगी वो केवल नौटंकी करेगा। आज सुप्रीम कोर्ट तक पहुँच गए लेकिन ऐसे लोगों को ढेला भर दिमाग नहीं आया कि क्या करना चाहिए जिससे नौकरी सुरक्षित रहे। शेष आप सभी से इतना कहना चाहता हूँ कि नौकरी से बढ़कर कुछ नहीं है। 
आप सभी का सहयोग रहा तो हरीश एन साल्वे जी और राम जेठमलानी जी दोनों टॉप मोस्ट सीनियर अधिवक्ताओं को एक साथ बहस के लिए खड़ा किया जाएगा। शेष आप सभी के सहयोग पर निर्भर करेगा। धन्यवाद
संयुक्त सक्रिय टीम
उत्तर प्रदेश

*लखनऊ-यूपी कैबिनेट की बैठक में अहम फैसले,स्कूलों में महापुरुषों के जन्मदिन पर छुट्टियां रद्द करने का प्रस्ताव मंजूर*

लखनऊ-यूपी कैबिनेट की बैठक में अहम फैसले,स्कूलों में महापुरुषों के जन्मदिन पर छुट्टियां रद्द करने का प्रस्ताव मंजूर

UP मे ये छुट्टीयों होंगी निरस्त।
(सम्भवतः)
1.परशुराम जयंती
2.चंद्रशेखर जयंती,
3.महाराणा प्रताप जयंती
 4.कर्पूरी ठाकुर जयंती, 
5.महर्षि कश्यप एवं महाराज गुह्य जयंती, 
6.सरदार वल्लभ भाई पटेल जयंती, 
7.ऊदा देवी शहीद दिवस
8.महाराजा अग्रसेन जयंती
9.हजरत ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती अजमेरी गरीब नवाज का उर्स
10.चेटीचंद
11.वाल्मीकि जयंती, 
12.संत रविदास जयंती, 13.अम्बेडकर परिनिर्वाण दिवस, 
14.डॉ़ अम्बेडकर जयंती
15.चौधरी चरण सिंह जयंती



योगी कैबिनेट में महापुरुषों की जयंती पर अवकाश न करने का प्रस्ताव पारित

योगी कैबिनेट में महापुरुषों की जयंती पर अवकाश न करने का प्रस्ताव पारित

Saturday, 22 April 2017

नई सरकार ने शुरू किए प्रयास, तेजी से होगी डॉक्टरों की : स्वास्थ्य मंत्री1

ओपीडी में शाम को भी मुफ्त इलाज

नई सरकार ने शुरू किए प्रयास, तेजी से होगी डॉक्टरों की : स्वास्थ्य मंत्री1

भर्ती

राज्य ब्यूरो, लखनऊ : प्रदेश की नई सरकार अपने प्रयास में सफल हो पाई तो नागरिकों को जल्द ही शाम को भी सरकारी अस्पतालों की ओपीडी में विशेषज्ञों से परामर्श मिल सकेगा। चिकित्सा स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह के मुताबिक इसके लिए काम शुरू कर दिया गया है। हालांकि शाम की ओपीडी के कारण दोगुने काम के बोझ से आशंकित सरकारी डॉक्टरों का कहना है कि सरकार को पूरा आकलन करने के बाद ही कोई कदम उठाना चाहिए। 1सरकारी अस्पतालों में शाम को भी ओपीडी चलाने की कोशिश पिछली सपा सरकार में भी हुई थी। 2014 में किया गया यह प्रयोग डॉक्टरों की कमी की वजह से महज दो-तीन हफ्तों में ही विफल हो गया था। इस बार भी सरकार की चुनौती यही है। दरअसल प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में कुल करीब 14 हजार डॉक्टरों की जरूरत है, जबकि उपलब्धता आठ हजार एमबीबीएस डॉक्टरों के अलावा करीब 3600 विशेषज्ञों की ही है। इसमें भी एमडी मेडिसिन स्तर के फिजीशियन और सर्जन की संख्या मिलाकर कुल करीब 550 के आसपास ही है। हालत यह है कि लखनऊ, इलाहाबाद, आगरा, मेरठ, बरेली और कानपुर जैसे मंडल अस्पतालों वाले बड़े शहरों को छोड़कर बाकी जगहों पर दो-दो फिजीशियन और सर्जन भी नहीं हैं। 1स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह कहते हैं कि संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल करने और लोगों को अधिक सेवा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शाम को ओपीडी संचालित करने के लिए डॉक्टरों की की जाएगी। दूसरी तरफ उप्र पीएमएस एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ.अशोक यादव का मानना है कि सिर्फ शाम को ओपीडी लगाने या ओपीडी में मरीजों का आंकड़ा बढ़ाने से भी हालात तब तक नहीं बदलेंगे, जब तक कि स्वास्थ्य सेवाएं और पोषण बेहतर तक निजी चिकित्सा क्षेत्र की गड़बड़ियों पर रोक लगाने के इंतजाम न किए जाएं। डॉ. यादव बताते हैं कि ओपीडी में आने वालों में से ज्यादातर या तो झोलाछाप डॉक्टरों के शिकार हैं या निजी क्षेत्र ने उनका केस बिगाड़ा होता है, इसलिए पहली जरूरत उधर शिकंजा कसने की है, जिससे मरीज अपने आप घट जाएंगे। 1राज्य ब्यूरो, लखनऊ : प्रदेश की नई सरकार अपने प्रयास में सफल हो पाई तो नागरिकों को जल्द ही शाम को भी सरकारी अस्पतालों की ओपीडी में विशेषज्ञों से परामर्श मिल सकेगा। चिकित्सा स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह के मुताबिक इसके लिए काम शुरू कर दिया गया है। हालांकि शाम की ओपीडी के कारण दोगुने काम के बोझ से आशंकित सरकारी डॉक्टरों का कहना है कि सरकार को पूरा आकलन करने के बाद ही कोई कदम उठाना चाहिए। 1सरकारी अस्पतालों में शाम को भी ओपीडी चलाने की कोशिश पिछली सपा सरकार में भी हुई थी। 2014 में किया गया यह प्रयोग डॉक्टरों की कमी की वजह से महज दो-तीन हफ्तों में ही विफल हो गया था। इस बार भी सरकार की चुनौती यही है। दरअसल प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में कुल करीब 14 हजार डॉक्टरों की जरूरत है, जबकि उपलब्धता आठ हजार एमबीबीएस डॉक्टरों के अलावा करीब 3600 विशेषज्ञों की ही है। इसमें भी एमडी मेडिसिन स्तर के फिजीशियन और सर्जन की संख्या मिलाकर कुल करीब 550 के आसपास ही है। हालत यह है कि लखनऊ, इलाहाबाद, आगरा, मेरठ, बरेली और कानपुर जैसे मंडल अस्पतालों वाले बड़े शहरों को छोड़कर बाकी जगहों पर दो-दो फिजीशियन और सर्जन भी नहीं हैं। 1स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह कहते हैं कि संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल करने और लोगों को अधिक सेवा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शाम को ओपीडी संचालित करने के लिए डॉक्टरों की की जाएगी। दूसरी तरफ उप्र पीएमएस एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ.अशोक यादव का मानना है कि सिर्फ शाम को ओपीडी लगाने या ओपीडी में मरीजों का आंकड़ा बढ़ाने से भी हालात तब तक नहीं बदलेंगे, जब तक कि स्वास्थ्य सेवाएं और पोषण बेहतर तक निजी चिकित्सा क्षेत्र की गड़बड़ियों पर रोक लगाने के इंतजाम न किए जाएं। डॉ. यादव बताते हैं कि ओपीडी में आने वालों में से ज्यादातर या तो झोलाछाप डॉक्टरों के शिकार हैं या निजी क्षेत्र ने उनका केस बिगाड़ा होता है, इसलिए पहली जरूरत उधर शिकंजा कसने की है, जिससे मरीज अपने आप घट जाएंगे।

‘भवन, उपकरण या पैरा मेडिकल स्टाफ की दिक्कत नहीं है, असल कमी विशेषज्ञ डॉक्टरों की है। नई करने के साथ ही एम्स व अन्य बड़े अस्पतालों के डॉक्टरों को भी यहां लाकर यह कमी दूर करने के प्रयास किए जा रहे हैं।’1सिद्धार्थनाथ सिंह, चिकित्सा स्वास्थ्य मंत्री1

अब हजारों रसोइया को मिलेगी राहत

अब हजारों रसोइया को मिलेगी राहत

एटा: परिषदीय स्कूलों में कार्यरत हजारों महिलाओं को जल्द ही मानदेय संबंधी समस्याओं से निजात मिलेगी। हर महीने की एक तारीख को ही ऑनलाइन उनके बैंक खातों में निर्धारित धनराशि पहुंच जाएगी। इस संबंध में शासन ने निर्देश जारी कर दिए हैं।1एटा जनपद में फिलहाल 4436 रसोइया महिलाएं कार्यरत हैं। अब तक इन महिलाओं को व्यवस्थित ढंग से मानदेय मिल ही नहीं पाया। दो से लेकर चार महीनों बाद तक धनराशि मिली और इसके बाद भी कभी प्रधान स्तर से समस्या तो कभी प्रधानाध्यापक भी चेक काटने में आनाकानी करते। हालांकि सपा शासन में भी ऑनलाइन मानदेय दिए जाने के लिए घोषणा की गई, लेकिन ऐसा हो कुछ भी नहीं पाया। अब नई सरकार बनते ही मानदेय की ऑनलाइन व्यवस्था पर अमल किए जाने के लिए निर्देश जारी किए गए हैं। मध्यान्ह भोजन प्राधिकरण के निदेशक हेमंत कुमार ने सभी बीएसए को इस संबंध में कहा है कि मानदेय को लेकर तमाम शिकायतें मिल रही हैं। 1ऐसी स्थिति में तत्काल रसोइया महिलाओं के मानदेय को सीधे उनके खाते में भेजने की व्यवस्था की जाएगी और इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। पूरा प्रयास किया जाए कि इन महिलाओं को माह की एक तारीख को मानदेय मिले। जिला समन्वयक एमडीएम अमित चौहान ने बताया है कि शासन से आदेश प्राप्त हो चुका है। इसी के अनुरूप मानदेय भुगतान की प्रक्रिया पूर्ण की जाएगी।एटा: परिषदीय स्कूलों में कार्यरत हजारों महिलाओं को जल्द ही मानदेय संबंधी समस्याओं से निजात मिलेगी। हर महीने की एक तारीख को ही ऑनलाइन उनके बैंक खातों में निर्धारित धनराशि पहुंच जाएगी। इस संबंध में शासन ने निर्देश जारी कर दिए हैं।1एटा जनपद में फिलहाल 4436 रसोइया महिलाएं कार्यरत हैं। अब तक इन महिलाओं को व्यवस्थित ढंग से मानदेय मिल ही नहीं पाया। दो से लेकर चार महीनों बाद तक धनराशि मिली और इसके बाद भी कभी प्रधान स्तर से समस्या तो कभी प्रधानाध्यापक भी चेक काटने में आनाकानी करते। हालांकि सपा शासन में भी ऑनलाइन मानदेय दिए जाने के लिए घोषणा की गई, लेकिन ऐसा हो कुछ भी नहीं पाया। अब नई सरकार बनते ही मानदेय की ऑनलाइन व्यवस्था पर अमल किए जाने के लिए निर्देश जारी किए गए हैं। मध्यान्ह भोजन प्राधिकरण के निदेशक हेमंत कुमार ने सभी बीएसए को इस संबंध में कहा है कि मानदेय को लेकर तमाम शिकायतें मिल रही हैं। 1ऐसी स्थिति में तत्काल रसोइया महिलाओं के मानदेय को सीधे उनके खाते में भेजने की व्यवस्था की जाएगी और इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। पूरा प्रयास किया जाए कि इन महिलाओं को माह की एक तारीख को मानदेय मिले। जिला समन्वयक एमडीएम अमित चौहान ने बताया है कि शासन से आदेश प्राप्त हो चुका है। इसी के अनुरूप मानदेय भुगतान की प्रक्रिया पूर्ण की जाएगी।

Friday, 21 April 2017

आधार से जुड़ेंगे परिषदीय विद्यालयों के छात्र -छात्राएं

आधार से जुड़ेंगे परिषदीय विद्यालयों के  छात्र -छात्राएं

30 जून तक पूरी की जानी है प्रक्रिया

निर्देश

कवायद

राज्य ब्यूरो, इलाहाबाद बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में दाखिला पाने वाले छात्र व छात्रएं आधार से जोड़े जाएंगे। यह प्रक्रिया वैसे तो 30 जून तक पूरी किए जाने के हैं, लेकिन विद्यालय 20 मई को ही बंद हो जाएंगे। यह कार्य स्कूल खुलने के दौरान ही पूरा कराना होगा। 1बेसिक शिक्षा सचिव अजय कुमार सिंह ने विद्यालयों में आधार नामांकन का कार्य देख रहे दो राज्य रजिस्ट्रार यूपी डेस्को व यूपीएलसी और शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ आठ दिन तक बैठक करके कार्ययोजना तैयार की है। दोनों रजिस्ट्रारों को प्रदेश भर के सभी जिले जिले बांटे गए हैं। सचिव ने जिलाधिकारी को भेजे में कहा है कि उनमें से जिस रजिस्ट्रार के पास फलां जिला हो उससे संपर्क करके विकासखंड स्तर पर पंजीयन की कार्ययोजना बनाई जाए। ब्लाक पर संबंधित एजेंसियों से समन्वय स्थापित करने के लिए खंड शिक्षा अधिकारी को नोडल नामित किया गया है। साथ ही यदि किसी जिले में खंड शिक्षा अधिकारी के पास दूसरे ब्लाक का भी प्रभार है तो वहां पर बेसिक शिक्षा अधिकारी वरिष्ठ एबीआरसी या फिर अन्य उचित व्यक्ति को नोडल नामित किया जाए। 1सचिव ने बीएसए को दिया है कि विकासखंड स्तर पर विद्यालयवार पंजीयन को देखते हुए रोस्टर तैयार किया जाए, जिसमें विद्यालय का नाम, छात्र संख्या, प्रधानाध्यापक का नाम व मोबाइल नंबर अंकित हो, कार्यदायी संस्था को उपलब्ध करा दिया जाए। आधार पंजीयन के लिए निर्धारित दिवस पर विद्यालय में कम से कम 50 छात्र-छात्रओं की उपस्थिति का रोडमैप तैयार कराया जाए। यदि किसी विद्यालय में पंजीकृत छात्र संख्या 100 है तो वहां आधार का पंजीयन दो दिवस में होगा। सचिव ने यह भी कहा है कि सभी विद्यालय 20 मई को ग्रीष्मावकाश में बंद हो जाएंगे इसलिए जिलाधिकारी नोडल एजेंसी व शिक्षा विभाग के अफसरों के साथ बैठक करके 20 मई तक आधार नामांकन की कार्यवाही पूरी करने के लिए तारीखवार कार्य योजना तैयार करा लें।’बेसिक शिक्षा सचिव ने तैयार की कार्ययोजना 1’ ब्लाक में खंड शिक्षाधिकारी होगा नोडल, बीएसए कार्य पूरा कराएं

9342 एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती पर अफसर मौन

एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती पर अफसर मौन

राज्य ब्यूरो, इलाहाबाद : प्रदेश के राजकीय माध्यमिक कालेजों में एलटी ग्रेड शिक्षकों की भर्ती अधर में अटकी है। तय समय में ऑनलाइन आवेदन लिए जा चुके हैं। हालांकि जनवरी में वेबसाइट में गड़बड़ी होने से तमाम अभ्यर्थी आवेदन नहीं कर सके हैं। यह मामला हाईकोर्ट तक पहुंचा है। राज्य स्तर पर पहली बार हो रही इस भर्ती में भी चयन मेरिट से किया जाना है। प्रतियोगियों का एक वर्ग परीक्षा कराने पर अड़ा है। इस भर्ती में कई विवाद होने से पूरा प्रकरण अफसरों ने शासन को सौंप दिया है, अब वहां से आदेश मिलने पर प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। 1सूबे के राजकीय माध्यमिक कालेजों में 9342 एलटी ग्रेड शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया बीते वर्ष शुरू हुई। शासनादेश जारी होने के बाद 26 दिसंबर 2016 से ऑनलाइन आवेदन लिए गए, यह प्रक्रिया 26 जनवरी की मध्यरात्रि तक जारी रही। शिक्षा निदेशालय पहली बार प्रदेश स्तर पर यह भर्ती करा रहा है। इसके पहले यह भर्ती मंडल स्तर पर होती रही है। शासन ने भर्ती का स्तर का बदलने के अलावा कोई अन्य बदलाव नहीं किया। मसलन, अब भी नियुक्तियां मेरिट के आधार पर होंगी। निदेशालय ने ऑनलाइन आवेदन लेने का काम एनआइसी के बजाए यूपी डेस्को को सौंपा। 1युवाओं का कहना है कि वेबसाइट में गड़बड़ी के कारण ऑनलाइन आवेदन करने में बहुत कठिनाई हुई। पहले कई दिनों तक पंजीकरण व आवेदन नहीं हो पा रहा था। शिकायत करने पर उसे दुरुस्त किया गया। सबसे अधिक समस्या आवेदन की अंतिम तारीखों में सामने आई। कई जिलों में वेबसाइट खुल ही नहीं सकी। इसकी शिकायत निदेशालय में की गई, लेकिन उसकी अनसुनी हुई। इसीलिए आवेदन पूरे होने के एक सप्ताह बाद यूपी डेस्को ने विभाग को पूरी रिपोर्ट सौंपी है। 1इसमें कुल पांच लाख 91 हजार 625 अभ्यर्थियों ने दावेदारी की है। विषयवार रिपोर्ट में सामाजिक विज्ञान में ही एक लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है। इसके बाद हंिदूी और अंग्रेजी में भी ऐसा ही हाल है। हर विषय की हर सीट पर साठ से अधिक दावेदार हैं। 1वेबसाइट ठीक से न चलने के कारण आवेदन न कर पाने वाले अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है। इस वजह से अफसरों के दोबारा वेबसाइट खोलने पर चर्चा शुरू हुई। वहीं, कुछ अफसर काउंसिलिंग कराने के लिए मेरिट बनवाने में लगे रहे। 1इसी बीच नई सरकार के निर्देश पर सभी विभागों की भर्ती प्रक्रिया रोक दी गई। उसी परिपेक्ष्य में एलटी ग्रेड भर्ती भी अटकी है। अपर शिक्षा निदेशक माध्यमिक रमेश ने बताया कि दोबारा वेबसाइट खोलने, मेरिट या फिर परीक्षा कराने जैसे प्रकरण अब शासन को तय करना है। भर्ती का पूरा मामला सौंप दिया गया है। शासन के निर्देश के बाद ही आगे की प्रक्रिया बढ़ेगी।राज्य ब्यूरो, इलाहाबाद : प्रदेश के राजकीय माध्यमिक कालेजों में एलटी ग्रेड शिक्षकों की भर्ती अधर में अटकी है। तय समय में ऑनलाइन आवेदन लिए जा चुके हैं। हालांकि जनवरी में वेबसाइट में गड़बड़ी होने से तमाम अभ्यर्थी आवेदन नहीं कर सके हैं। यह मामला हाईकोर्ट तक पहुंचा है। राज्य स्तर पर पहली बार हो रही इस भर्ती में भी चयन मेरिट से किया जाना है। प्रतियोगियों का एक वर्ग परीक्षा कराने पर अड़ा है। इस भर्ती में कई विवाद होने से पूरा प्रकरण अफसरों ने शासन को सौंप दिया है, अब वहां से आदेश मिलने पर प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। 1सूबे के राजकीय माध्यमिक कालेजों में 9342 एलटी ग्रेड शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया बीते वर्ष शुरू हुई। शासनादेश जारी होने के बाद 26 दिसंबर 2016 से ऑनलाइन आवेदन लिए गए, यह प्रक्रिया 26 जनवरी की मध्यरात्रि तक जारी रही। शिक्षा निदेशालय पहली बार प्रदेश स्तर पर यह भर्ती करा रहा है। इसके पहले यह भर्ती मंडल स्तर पर होती रही है। शासन ने भर्ती का स्तर का बदलने के अलावा कोई अन्य बदलाव नहीं किया। मसलन, अब भी नियुक्तियां मेरिट के आधार पर होंगी। निदेशालय ने ऑनलाइन आवेदन लेने का काम एनआइसी के बजाए यूपी डेस्को को सौंपा। 1युवाओं का कहना है कि वेबसाइट में गड़बड़ी के कारण ऑनलाइन आवेदन करने में बहुत कठिनाई हुई। पहले कई दिनों तक पंजीकरण व आवेदन नहीं हो पा रहा था। शिकायत करने पर उसे दुरुस्त किया गया। सबसे अधिक समस्या आवेदन की अंतिम तारीखों में सामने आई। कई जिलों में वेबसाइट खुल ही नहीं सकी। इसकी शिकायत निदेशालय में की गई, लेकिन उसकी अनसुनी हुई। इसीलिए आवेदन पूरे होने के एक सप्ताह बाद यूपी डेस्को ने विभाग को पूरी रिपोर्ट सौंपी है। 1इसमें कुल पांच लाख 91 हजार 625 अभ्यर्थियों ने दावेदारी की है। विषयवार रिपोर्ट में सामाजिक विज्ञान में ही एक लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है। इसके बाद हंिदूी और अंग्रेजी में भी ऐसा ही हाल है। हर विषय की हर सीट पर साठ से अधिक दावेदार हैं। 1वेबसाइट ठीक से न चलने के कारण आवेदन न कर पाने वाले अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है। इस वजह से अफसरों के दोबारा वेबसाइट खोलने पर चर्चा शुरू हुई। वहीं, कुछ अफसर काउंसिलिंग कराने के लिए मेरिट बनवाने में लगे रहे। 1इसी बीच नई सरकार के निर्देश पर सभी विभागों की भर्ती प्रक्रिया रोक दी गई। उसी परिपेक्ष्य में एलटी ग्रेड भर्ती भी अटकी है। अपर शिक्षा निदेशक माध्यमिक रमेश ने बताया कि दोबारा वेबसाइट खोलने, मेरिट या फिर परीक्षा कराने जैसे प्रकरण अब शासन को तय करना है। भर्ती का पूरा मामला सौंप दिया गया है। शासन के निर्देश के बाद ही आगे की प्रक्रिया बढ़ेगी।