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Monday, 25 July 2022

परिषदीय विद्यालयों में बदलेगा समय, आदेश जारी

परिषदीय विद्यालयों में कल से होगा समय परिवर्तन

    दिनांक 26 जुलाई 2022 से विद्यालय समय 08:00 से 02:00 बजे तक।
प्रार्थना सभा/योगाभ्यास 08:00 से 08:15 ।
मध्यावकाश प्रात: 10:30 से 11:00 बजे तक ।

Thursday, 14 July 2022

उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्व विद्यालय प्रयागराज में प्रयागराज ने जून 2022 परीक्षा के संबंध में अधिन्यास व प्रोजेक्ट जमा करने की अंतिम तिथि आगे बढ़ाई, जाने नई तिथि

उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्व विद्यालय प्रयागराज में प्रयागराज ने जून 2022 परीक्षा के संबंध में अधिन्यास व प्रोजेक्ट जमा करने की अंतिम तिथि बढ़ा कर 20  जुलाई 2022 कर दी है


Saturday, 4 June 2022

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NPS/OPS आच्छादित बेसिक शिक्षको हेतु 60 वर्ष का विकल्प लेकर सेवानिवृत ग्रेच्यूटी या 60 वर्ष से पहले असामयिक मृत्यु पर डेथ ग्रेच्यूटी (gratuity) व फेमिली पेंशन (pension) का प्रावधान

NPS/OPS आच्छादित बेसिक शिक्षको हेतु 60 वर्ष का विकल्प लेकर सेवानिवृत ग्रेच्यूटी या 60 वर्ष से पहले असामयिक मृत्यु पर डेथ ग्रेच्यूटी (gratuity) व फेमिली पेंशन (pension) का प्रावधान

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1- 😔 60 वर्ष की आयु से पहले सेवा काल मे किसी अनहोनी की स्थिति में बेसिक शिक्षक इन आदेशों के बारे में अवश्य जान लें।

2-💧 सेवानिवॄत्त या सेवा काल मे मृत राज्य कर्मचारियों के परिजनों को ग्रेच्युटी के लाखों रुपये स्वतः मिलते हैं। ये लाभ इसलिये मिलता क्योकि कर्मचारी 60 में रिटायर होते हैं, जबकि शिक्षक के 62 में रिटायर होने के कारण नहीं मिलता है।

3🍀यदि शिक्षक भी शासनादेशों के अनुसार 60 वर्ष में सेवानिवृति का विकल्प ले लें तो उन्हें भी यह लाभ समान रूप से प्राप्त है।

4-🌸अधिक जागरूक होने के कारण इंटर कालेजों, डिग्री कालेजों, मेडिकल कालेज व यूनिवर्सिटियों के शिक्षकों को ये सुविधा बहुत पहले से प्राप्त है। लिहाजा वे 60 वर्ष में ही सेवानिवृति का विकल्प देकर सेवानिवृत या असामयिक मृत्यु की दशा में ग्रेच्यूटी के लाखों रुपये पाते है।

5- 😟जबकि बेसिक शिक्षक के लिये  सुविधा के बावजूद जानकारी के अभाव में या कतिपय कारणों से ये विकल्प नही लेते हैं और कभी कभी 60 वर्ष की उम्र से पहले ही सेवाकाल में मृत्यु हो जाने की दशा में डेथ ग्रेच्यूटी से वंचित हो जाते हैं या उनके परिजन कोर्ट कचहरी का चक्कर लगाते हैं।

6-☀️ हर साल हर जिले में अनेक बेसिक शिक्षक बीमारी या दुर्घटना से मर रहे हैं। यदि इस विकल्प का फायदा लिया गया होता तो फेमिली को ग्रेच्यूटी के रूप में अधिकतम 20 लाख रुपये की मदद मिलती।
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7-😊 हम बेसिक शिक्षकों को शासन से डेथ कम रिटायरमेन्ट ग्रेच्यूटी जैसी शिक्षक हितकारी व्यवस्था 1994 से ही प्राप्त है, लेकिन जागरूकता और जानकारी के अभाव हर साल सेवाकाल में मृत होने वाले शिक्षकों के परिजन ये लाभ नहीं पा सके, जबकि इसी शासनादेश 1994 के आधार पर इसी बेसिक विभाग के चतुर्थ श्रेणी से लेकर अधिकारी तक आराम से लाभ ले रहे हैं।

8🌹बेसिक शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश के शिक्षकों/कार्मिकों के लिये  ग्रेच्यूटी की सुविधा पहली बार शिक्षा अनुभाग 5 के  शासनादेश संख्या  6369/ 15-5-93-55/89 दिनांक 23-11-1994 द्वारा स्वीकृत किया था। उस समय बेसिक शिक्षक की सेवा निवृति की आयु 60 वर्ष थी। इसलिये ग्रेच्यूटी लाभ के लिये 58 वर्ष के सेवानिवृति का  विकल्प देना था।

9-🌸शासनादेश संख्या 
289/79-6-04-28(5)/ 2004 दिनांक 4 फरवरी 2004 को बेसिक शिक्षकों की सेवानिवृति आयु 62 वर्ष कर दी गयी। इसलिये अब ग्रेच्यूटी का लाभ 60 वर्ष की आयु में सेवानिवृति का विकल्प देने पर मिलता है। इतना ही नही यदि 60 वर्ष में सेवानिवृति न चाहें तो  शासनादेश संख्या 2491/15-5 -2002- 212/2001/ दिनांक 10 जून 2002 के अनुसार उक्त विकल्प को परिवर्तित कर 62 वर्ष पर सेवानिवृत्त होने का विकल्प ठीक 59 वें वर्ष के सत्रारंभ में ही दे सकते हैं।

  🌸*विकल्प परिवर्तन के इस व्यवस्था/सुविधा को बेसिक शिक्षा निदेशक महोदय द्वारा दिनांक 22-12-2021 के आदेश में पुनः स्पष्ट किया गया है* 🌸

10-🌷प्रत्येक वेतन आयोग में बेसिक शिक्षा परिषद के शिक्षकों एवं कार्मिकों के पेंशन/फेमिली पेंशन तथा 60 वर्ष में डेथ कम रिटायरमेन्ट ग्रेच्यूटी लाभ देने की प्रक्रिया और ग्रेच्युटी धनराशि में केंद्र सरकार के समकक्ष बढ़ोत्तरी के लिए शिक्षा अनुभाग 5 से आदेश जारी किये जाते हैं। ये सभी आदेश वित्त विभाग की सहमति के बाद निर्गत किये जाते हैं, जिसका उल्लेख हमेशा शासनादेश के अंतिम पैरा में होता है।

11-🌷पंचम वेतन आयोग में शिक्षा अनुभाग 5 के शासनादेश संख्या 5674/दिनांक 28 नवम्बर 1998 के प्रस्तर 5 के अनुसार जनवरी 1996 से सेवानिवृत्ति/डेथ ग्रेच्यूटी की यह सीमा 3.5 लाख थी।

12-🌷छठे वेतन आयोग के शिक्षा अनुभाग 5 के शासनादेश 1754 दिनांक 16 सितम्बर 2009 द्वारा जनवरी 2006 से दिसम्बर तक यह बढ़कर 10 लाख  हो गया।

13-🌷सातवे वेतन आयोग में शिक्षा अनुभाग 5 के शासनादेश 1740/दिनांक 23 अगस्त 2017 द्वारा जनवरी 2016 से यह लाभ 20 लाख कर दिया गया।

14-👉🏼 बेसिक शिक्षकों हेतु पेंशन व ग्रेच्युटी लाभ के उक्त विभिन्न शासनादेशों से यह ज्ञात होता है कि ग्रेच्युटी का लाभ दो तरह से मिलता है।

15-🌷पहला सेवानिवृत्तिक ग्रेच्यूटी

👉🏼यदि कोई शिक्षक जीवन काल मे ही ग्रेच्यूटी का लाभ लेना चाहता है तो डेथ कम रिटायरमेन्ट ग्रेच्युटी का विकल्प लेकर 60 वर्ष में सेवानिवृत हो जाये। तब इसे सेवानिवृति ग्रेच्यूटी कहते हैं। यह अंतिम आहरित वेतन के अनुसार प्रत्येक सेवा वर्ष के बदले 15 दिन के वेतन के बराबर मिलता है।

16-😔 दूसरा डेथ ग्रेच्यूटी  

🍀👉🏼यह 60 वर्ष की उम्र से पहले आकस्मिक मृत्यु हो जाने  पर शिक्षक/कार्मिक के परिजनों को देय होता है। डेथ ग्रेच्यूटी अंतिम आहरित वेतन के अनुसार प्रत्येक सेवा वर्ष के बदले 1 माह के वेतन के बराबर मिलता है। 

17-🌷स्पष्ट है कि डेथ ग्रेच्यूटी का लाभ, सेवानिवृति ग्रेच्यूटी से डबल होता है। लेकिन वर्तमान में दोनों की अधिकतम सीमा 20 लाख है, जो प्रत्येक वेतन आयोग में बदलता रहता है।

18- 🌸ग्रेच्यूटी की धनराशि गणना में रिटायरमेन्ट/
मृत्यु के समय मिलने वाला DA भी सम्मिलित होता है।

19-🍀 NPS आच्छादित कार्मिकों/शिक्षकों  को भी OPS कार्मिकों/शिक्षकों के समान डेथ ग्रेच्यूटी व फेमिली पेंशन की सुविधा शासनादेश संख्या 1613/ दिनांक 5 दिस 2011,
शासनादेश संख्या 23 /दिनांक 5 जुलाई 2016, शासनादेश संख्या 31/ दिनांक 6 अक्तू 2016 द्वारा दी गयी है।

20-🌷शासनादेश 23 /दिनांक 5 जुलाई 2016 द्वारा यह स्पष्ट कर दिया गया है कि बेसिक शिक्षा विभाग में NPS योजना से आच्छादित शिक्षक/कार्मिक की सेवाकाल में मृत्यु PRAN के लिए आवेदन/ PRAN एलाट होने/ अभिदान देने से पूर्व भी हो जाती है तब भी फेमिली पेंशन व डेथ ग्रेच्यूटी की सुविधा का लाभ मिलेगा।

21-🌷इसी तरह NPS कट जाने की स्थिति में  शासनादेश संख्या दिनांक 31-10- 2014, दिनांक 19-5-16 एवं दिनांक 20-3-17 में प्रक्रिया व प्रपत्रों द्वारा यह स्पष्ट किया गया है कि सेवा काल मे NPS आच्छादित शिक्षक/कार्मिक की मृत्यु हो जाने पर NPS में जमा धनराशि सरेंडर कर फेमिली पेंशन व डेथ ग्रेच्यूटी का लाभ ले सकते हैं।

22- इस तरह हम देखते हैं कि OPS हो या NPS, 60 वर्ष की उम्र से पहले आकस्मिक मृत्यु हो जाने की दशा में शिक्षक/ कार्मिक के परिवार की आर्थिक सुरक्षा हेतु डेथ ग्रेच्यूटी व फेमिली पेंशन जैसी वित्तीय सुरक्षा की व्यवस्था हमे शासन ने बहुत पहले से दे रखा है, लेकिन जागरूकता के अभाव में हम लाभ नहीं ले पा रहे हैं तथा असामयिक मृत्यु की दशा में परिवारजन भटकते रहते हैं और मामला हाईकोर्ट तक पहुंच जाता है।

23-🌹 इसी तरह का एक केस हम बेसिक शिक्षकों के लिये बेहद महत्वपूर्ण है। माननीय उच्च न्यायालय इलाहाबाद में योजित WRIT A 5108/2020 में इसी डेथ ग्रेच्यूटी के लाभ की मांग की गई है। इस केस में पिछले वर्षों में कोर्ट द्वारा डेथ ग्रेच्युटी का लाभ  देने वाले पिछले अनेक अदालती आदेशों का हवाला देते हुए मार्च 2020 में मृत शिक्षक की पत्नी द्वारा केस दाखिल किया गया है।  

24-💧 याची प्रेम कुमारी के पति उन्‍नाव के एक एडेड पूर्व माध्यमिक विद्यालय में 1995 से सहायक अध्यापक थे। 10 फरवरी 19 को उनकी सेवा काल में मृत्यु हो गई। परिवार को पेंशन व बीमा आदि का भुगतान किया गया किंतु तकनीकी कारणों से ग्रेच्यूटी रोक दी गई।

25-💐 अब उक्त वाद दाखिल कर न्यायालय से मांग की गई है कि बेसिक शिक्षकों के फेमिली पेंशन व ग्रेच्यूटी वाले🌷छठवें वेतन के आदेश संख्या 1754/दिनांक 16 सितम्बर 2009 के प्रस्तर 5 एवं 🌷 सातवें वेतन आयोग के आदेश संख्या 1740/ दिनांक 23 अगस्त 2017 के प्रस्तर 7 (1) में प्रावधान है कि 60 वर्ष की आयु का विकल्प दिए जाने पर सेवानिवृतिक ग्रेच्युटी/मृत्यु ग्रेच्यूटी की व्यवस्था है। शासनादेशों का आशय ही यही है कि ग्रेच्यूटी का यह लाभ विकल्प लेकर  60 वर्ष की आयु में सेवानिवृत्त होने या 60 वर्ष के अंदर मृत हो जाने पर ही देय है। जीवन काल मे ही 60 साल में सेवानिवृति विकल्प न दे पाने के आधार पर मृत शिक्षक के परिजनों को ग्रेच्यूटी के लाभ से वंचित किया जाना उचित नही है। प्राकॄतिक न्याय के सिद्धांत के अनुसार ये माना जा सकता है कि असमय मृत्यु हो जाने के कारण शिक्षक विकल्प नही दे पाए और न ही  62 वर्ष तक सेवा व वेतन का लाभ लिया, इसलिये विना विकल्प दिए मृतक के परिजनों को इसका लाभ दिया जाए। पूर्व के आदेशों में भी न्यायालय ने इसी आधार पर व्याज सहित डेथ ग्रेच्यूटी भुगतान करने का आदेश दिया है।

26👍दिसम्बर 2021 में अधिकारियों ने माननीय उच्च न्यायालय के डेथ ग्रेच्यूटी भुगतान आदेश को माननीय उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी। इस संबंध में बेसिक शिक्षा निदेशक के अत्यंत महत्वपूर्ण आदेश दिनांक 22-12-2021 को देखें।

27😟 अब माननीय उच्चतम न्यायालय ने वाद संख्या 19089/2021 में स्पष्ट कर दिया है कि 60 वर्ष से पहले मृत्यु की दशा में ग्रेच्यूटी विकल्प न दिए जाने पर भी डेथ ग्रेच्यूटी देना होगा।

28☺️ उक्त निर्णय के बाद शिक्षा अनुभाग 5 ने 29-4-2022 द्वारा शिक्षा निदेशक बेसिक को अवगत कराया है कि 60 वर्ष से पहले बेसिक शिक्षक की सेवारत मृत्यु हो जाने पर डेथ ग्रेच्यूटी के प्रावधान की पॉलिसी पर काम हो रहा है।
👉🏻 शासन के उक्त आदेश के क्रम में निदेशक महोदय ने  21-5-2022 को आदेश निर्गत कर डेथ ग्रेच्यूटी के मामलों की जानकारी मांगी

Sunday, 22 May 2022

इंचार्ज प्रधानाध्यापक को प्रधानाध्यापक का वेतन दिया जाना चाहिए..

इंचार्ज प्रधानाध्यापक को प्रधानाध्यापक का वेतन दिया जाना चाहिए..

देखें कोर्ट का आदेश..



HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD

?Court No. - 32

Case :- WRIT - A No. - 19243 of 2021

Petitioner :- Bhoop Singh
Respondent :- State Of U.P. And 4 Others
Counsel for Petitioner :- Raghvendra Pratap Singh,Man Bahadur Singh
Counsel for Respondent :- C.S.C.

Hon'ble Siddharth,J.
Despite time granted to the learned Standing Counsel to file counter affidavit by orders dated 25.2.2022 and 18.4.2022, no counter affidavit has been filed.
Petitioner has approached this court with the grievance that he has retired from the post of Officiating Principal of the institution but he is being paid pension on the basis of salary drawn by him as lecturer.
Learned counsel for the petitioner has relied upon the judgement in Surendra Prasad Agnihotri Vs. State of Uttar Pradesh, Laws (All) 2010, 1 80, Surendra Prasad Agnihotri Vs. State of Uttar Pradesh, Laws (All), 2010, 5 1 and Pushkar Singh Verma Vs. District Inspector of Schools, Meerut, Laws (All) 1999 78, wherein it has been held that officiating principal� shall be entitled to pension on basis of salary of the principal.�
The respondents are directed to recalculate the pension on the basis of working of petitioner as Officiating Principal� and make payment of arrears of pension and revised pension from month to month within six weeks from today.
In case the order is not complied within time, the petitioner shall� entitled to be paid 12% interest on the amounts from the respondents.
The State Government shall be free to recover the amount of interest paid to the petitioner from public servant/servants found responsible for the delay in compliance of this order.
The writ petition stands allowed.
Order Date :- 19.5.2022
Atul kr. sri.

 याचिकाकर्ता ने इस शिकायत के साथ इस अदालत का दरवाजा खटखटाया है कि वह संस्था के कार्यवाहक प्रधानाचार्य के पद से सेवानिवृत्त हो गया है लेकिन उसे व्याख्याता के रूप में उसके द्वारा प्राप्त वेतन के आधार पर पेंशन का भुगतान किया जा रहा है।
 याचिकाकर्ता के विद्वान वकील ने सुरेंद्र प्रसाद अग्निहोत्री बनाम मामले में फैसले पर भरोसा किया है।  

*उत्तर प्रदेश राज्य, कानून (सभी) 2010, 1 80, सुरेंद्र प्रसाद अग्निहोत्री बनाम।  उत्तर प्रदेश राज्य, कानून (सभी), 2010, 5 1 और पुष्कर सिंह वर्मा बनाम।*  *जिला विद्यालय निरीक्षक, मेरठ, कानून (सभी) 1999 78, जिसमें यह माना गया है कि स्थानापन्न प्राचार्य प्रधानाध्यापक के वेतन के आधार पर पेंशन के हकदार होंगे।*
 *प्रतिवादियों को निर्देश दिया जाता है कि वे याचिकाकर्ता के स्थानापन्न प्राचार्य के रूप में काम करने के आधार पर पेंशन की पुनर्गणना करें और आज से छह सप्ताह के भीतर महीने-दर-महीने पेंशन और संशोधित पेंशन के बकाया का भुगतान करें।*
 *यदि आदेश का समय के भीतर अनुपालन नहीं किया जाता है, तो याचिकाकर्ता प्रतिवादी से राशि पर 12% ब्याज का भुगतान करने का हकदार होगा।*

*राज्य सरकार इस आदेश के अनुपालन में विलम्ब के लिए उत्तरदायी लोक सेवकों/सेवकों से याचिकाकर्ता को भुगतान की गई ब्याज की राशि वसूल करने के लिए स्वतंत्र होगी।*

@Exclusive🚩

Wednesday, 18 May 2022

इस मुक्त विश्वविद्यालय के अंतिम वर्ष के छात्रों को मिलेंगे टेबलेट और स्मार्टफोन, आदेश देखें


उत्तर प्रदेश राजर्षि टडन मुक्त विश्वविद्यालय प्रयागराज के (S- 005) स्नातक एवं परास्नातक अंतिम वर्ष के शिक्षार्थियों को स्मार्टफोन और टैबलेट दिनांक 22 मार्च 2022 को दोपहर 12:00 बजे अटल प्रेक्षा ग्रह सरस्वती परिसर में वितरित किए जा रहे हैं ।संबंधित शिक्षार्थियों की सूची विश्वविद्यालय की वेबसाइट की जा सकती है सभी शिक्षार्थी सूची में अपना नाम देखकर अपना आधार कार्ड और हाई स्कूल की मार्कशीट की मूल प्रति एवं फोटोस्टेट लेकर अपना स्मार्टफोन या टेबलेट प्राप्त करेंगे उपरोक्त सूचना क्षेत्रीय कार्यालय प्रयागराज उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय के द्वारा प्रदान की गई है।

Monday, 16 May 2022

भीषण गर्मी के कारण इस जिले में समय से पहले ग्रीष्म अवकाश की घोषणा, शिक्षक निर्धारित तिथि तक आते रहेंगे

भीषण गर्मी के कारण इस जिले में समय से पहले ग्रीष्म अवकाश की घोषणा, शिक्षक निर्धारित तिथि तक आते रहेंगे

Thursday, 5 May 2022

जल्दी शुरू हो सकता है विद्यालयों में ग्रीष्म अवकाश,जानिए क्यों

कोविड की संभावित लहर एवं प्रतिकूल मौसम के मद्देनजर आठवीं कक्षा तक के विद्यालयों में ग्रीष्मकालीन अवकाश करने के संबंध में राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग, उत्तर प्रदेश का पत्र समस्त जिला अधिकारियों के नाम