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Tuesday, 4 June 2019

रिटर्न में एचआरए और होम लोन पर एक साथ कैसे लें आयकर छूट, जानिए

रिटर्न में एचआरए और होम लोन पर एक साथ कैसे लें आयकर छूट, जानिए



 

 



income tax


खास बातें

खास बातें


-1.5  लाख रुपये तक होम लोन ब्याज पर सालाना मिलती है छूट


-50 फीसदी मूल वेतन का एचआरए दावा किया जा सकता है मेट्रो शहरों में


रिटर्न दाखिल करने की तयारी में जुटे आयकरदाताओं के मन में टैक्स छूट को लेकर कई संशय होंगे। नौकरीपेशा करदाताओं को वेतन के अलावा अन्य स्रोतों से मिलने वाली आय पर भी टैक्स छूट मिलती है। आपके वेतन में शामिल एचआरए पर रिटर्न के समय टैक्स छूट का दावा करते हैं, इसी तरह होम लोन की ईएमआई पर भी आपको राहत मिलती है। हालांकि, आपको ये नहीं पता होगा कि रिटर्न में एचआरए और होम लोन की ईएमआई पर एक साथ दवा कर सकते हैं। आयकर कानून आपको दोनों ही स्रोत पर टैक्स छूट पाने की स्वतंत्रता देता है ।

दोनों तरह की छूट के अलग कानून

आयकर अधिनियम अलग-अलग वर्गों के तहत स्वतंत्र रूप से गृह किराया भत्ता (एचआरए) और होम लोन कटौती का कार्य करता है। दोनों एक-दूसरे से जुड़े नहीं हैं। एचआरए आयकर कानून की धारा 10 (13 ए) नियम 2 ए के तहत नौकरीपेशा लोगों को दिया जाता है, जबकि होम लोन पर आयकर अधिनियम की धारा 80सी (मूल भुगतान पर कर लाभ) और धारा 24 (ब्याज भुगतान पर कर लाभ) के तहत कर लाभ दिया जाता है। लिहाजा कोई भी नौकरीपेशा आयकरदाता रिटर्न भरते समय दोनों ही तरह की छूट उठाने को कानूनी रूप से स्वतंत्र है।

ऐसे मिलेगा एचआरए का लाभ

एचआरए पर टैक्स छूट का फायदा सिर्फ नौकरीपेशा लोगों को ही मिलेगा, बिजनेस करने वालों को नहीं। इसका फायदा उठाने के लिए कर्मचारी को उस घर के किराये पर खर्च करना जरूरी होगा, जिसमें वह रह रहा है। अगर घर में उसके बजाय कोई और शख्स रह रहा है तो किराये पर एचआरए का फायदा उस कर्मचारी को नहीं मिलेगा। इसी तरह अगर कोई कर्मचारी अपने नियोक्ता को संपत्ति देता है और बदले में नियोक्ता उसी कर्मचारी को अलॉट कर उस पर कुछ किराया वसूलता है, तो एचआरए का फायदा नहीं दिया जा सकता। अगर कर्मचारी भी संपत्ति में सह मालिक है और वह दूसरे सह-मालिक को कुछ किराया चुकाता है तो ऐसे भुगतान पर भी आयकर अधिनियम की धारा 10 (13 ए) नियम 2 ए के तहत एचआरए का दावा नहीं किया जा सकता।

होम लोन पर छूट के लिए ये शर्त

किसी नौकरीपेशा को होम लोन पर टैक्स छूट दो तरह से मिलती है। आयकर की धारा 80 सी के तहत होम लोन के प्रिंसिपल यानी मूल धन पर और धारा 24 (बी) के तहत सालाना चुकाए गए ब्याज पर। यह छूट पाने के लिए जरूरी है कि वह शख्स किसी संपत्ति का मालिक होना चाहिए। धारा 80 सी के तहत टैक्स छूट किसी रिहायशी संपत्ति पर उपलब्ध है। वहीं, ब्याज के फायदे रिहायशी, कमर्शियल, बैंक और अन्य जगहों से लिए गए पैसों पर भी उपलब्ध हैं। इसके अलावा खुद के कब्जे वाली संपत्ति में ब्याज पर फायदा दो लाख रुपये प्रति वर्ष तक सीमित है।



इस तरह एक साथ मिलेगी दोनों छूट


अगर आप किसी शहर में नौकरी करते हैं लेकिन आपने मकान किसी और शहर में लिया है, जिसके लिए बैंक से होम लोन ले रखा है। ऐसी परिस्थिति में आप अपने लोन की ईएमआई पर टैक्स छूट का दावा करने के साथ वेतन में मिल रहे एचआरए पर भी लाभ ले सकते हैं। इतना ही नहीं, अगर आप उसी शहर में नौकरी करते हैं, जहां आपने मकान खरीदा है लेकिन अभी वह निर्माणाधीन है तो ऐसी स्थिति में भी आयकर कानून आपको एचआरए और होम लोन पर टैक्स छूट का लाभ उठाने की स्वतंत्रता देता है। 

हालांकि, करदाता मकान का निर्माण पूरा होने तक सिर्फ मूल भुगतान पर ही छूट का हकदार होगा । इसी तरह, वह घर जिसे आपने खरीदा है आपके कार्यालय से बहुत दूर है तो ऐसे मामलों में भी आयकर अधिनियम व्यक्ति को एचआरए और होम लोन के लाभ का दावा करने की अनुमति देता है, जिसमें होम लोन पर मूलधन और ब्याज भुगतान दोनों शामिल हैं।

छूट के लिए गलत दावा न करें

एचआरए और होम लोन की साथ छूट लेने के लिए कानून का दुरुपयोग न करें। लिहाजा अगर आप अपने मकान से किराये के रूप में आय लेते हैं, तो एचआरए का दावा न करें। हालांकि, अगर आप अपने आईटीआर में मकान से मिले किराये का खुलासा करते हैं तो होम लोन के साथ एचआरए ले सकते हैं। 

दावा करने में सावधानी बरतें

आयकरदाताओं को एचआरए और होम लोन के मूलधन और ब्याज पर टैक्स छूट का दावा करते समय काफी सावधानी बरतनी चाहिए। आयकर कानून में विशेष परिस्थितिओं में ही दोनों तरह का दावा साथ करने की अनुमति है। अगर सही जानकारी न हो तो आपका दावा न सिर्फ गलत साबित होगा, बल्कि कर चोरी का भी मामला बन सकता है।  -अतुल गर्ग, सीए 
 





Monday, 3 June 2019

वेतन भुगतान मामले में बलिया के बीएसए निलंबित

*_एक और निलम्बन_*
*वेतन भुगतान मामले में बलिया के बीएसए निलंबित*

बीएसए संतोष कुमार राय द्वारा श्रीनाथ बाबा उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के प्राइमरी प्रभाग में 11 में से नौ शिक्षकों की बिना अनुमोदन आदेश के ही आपसी मिलीभगत कर प्रथम वेतन भुगतान की अनुमन्यता निर्गत किए जाने आदि गंभीर अनियमितताओं के मामले में प्रथम दृष्टया उन्हें दोषी पाया गया है। बीएसए को उप्र सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली-1999 के नियम-4 के अंतर्गत तात्कालिक प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।...

जागरण संवाददाता, बलिया : बीएसए संतोष कुमार राय द्वारा श्रीनाथ बाबा उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के प्राइमरी प्रभाग में 11 में से नौ शिक्षकों की बिना अनुमोदन आदेश के ही आपसी मिलीभगत कर प्रथम वेतन भुगतान की अनुमन्यता निर्गत किए जाने आदि गंभीर अनियमितताओं के मामले में प्रथम दृष्टया उन्हें दोषी पाया गया है। बीएसए को उप्र सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली-1999 के नियम-4 के अंतर्गत तात्कालिक प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। साथ ही उनके विरुद्ध कार्रवाई की संस्तुति करते हुए महामहिम राज्यपाल के आदेश से उनके विशेष सचिव आनंद कुमार सिंह ने उनके अनुशासनिक कार्रवाई के संपादन के लिए मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक गोरखपुर मंडल, गोरखपुर का पदेन जांच अधिकारी नामित किए जाने की स्वीकृति प्रदान की है। उक्त पत्र की प्रति जिलाधिकारी सहित सभी संबंधित अधिकारियों को भी भेज दी गई है। अभी और लोगों पर भी गिर सकती गाज

बीएसए के निलंबन की खबर से पूरे विभाग में अचानक भूचाल आ गया है। बिना अनुमोदन वेतन भुगतान के मामले में अभी और लोगों पर भी कार्रवाई की गाज गिर सकती है। विभाग में चर्चा है कि इस मामले में और दो लोगों के गर्दन पर भी तलवार लटकी है। बेसिक शिक्षा विभाग में केवल यही एक मामला नहीं है। विद्यालयों मान्यता देने से लेकर भवन निर्माण, एमडीएम आदि में भी कई तरह के घालमेल भरे पड़े हैं। सबसे बड़ा मामला तो यह है कि जिले में बहुत से शिक्षक कागज में ही नौकरी करते हैं। वे किसी दूसरी प्रतियोगिता की तैयारी बाहर रह कर करते हैं और अपने स्थान पर किसी और को रख कर विद्यालय में काम चलाते हैं। इसके बावजूद भी ऐसे शिक्षकों को वेतन मिल जाता है। ऐसे अधिकतर मामले बैरिया तहसील क्षेत्र में भरे पड़े हैं।

Saturday, 1 June 2019

राज्य सरकार की जूनियर हाईस्कूलों की संख्या बढ़ाने की तैयारी

राज्य सरकार की जूनियर हाईस्कूलों की संख्या बढ़ाने की तैयारी

उत्तर प्रदेश सरकार इस बार जूनियर हाईस्कूलों की संख्या बढ़ाने का प्रयास कर रही है। हर जिले से 10-10 ऐसे स्कूलों की सूची मांगी गई है जिन्हें कक्षा 8 तक किया जा सकता है। राज्य सरकार इसका प्रस्ताव अपनी वार्षिक कार्ययोजना में शामिल कर रही है। .

इस वर्ष लोकसभा चुनावों के चलते केन्द्र सरकार ने प्रोजेक्ट एप्रूवल बोर्ड की बैठक फरवरी-मार्च की जगह चुनाव के बाद होना तय किया था। अभी यह बैठक जून के दूसरे हफ्ते में प्रस्तावित है। इस बैठक में राज्य सरकार हर जिले से 10-10 प्राइमरी स्कूलों को अपग्रेड करने का प्रस्ताव रखने जा रही है। अभी जूनियर हाईस्कूलों की संख्या 50 हजार का आंकड़ा पार नहीं कर पाई है। ऐसे स्कूलों के प्रस्ताव मांगे गये हैं, जहां आने-जाने के लिए सुलभ साधन मिलते हों। ऐसी जगह पर हों जहां आसपास खूब आबादी हो। ऐसे स्कूलों के चयन को वरीयता पर रखा जाएगा, जहां बालिकाओं की संख्या ज्यादा होगी। वहीं आसपास मानक के मुताबिक जूनियर हाइस्कूल न हों। अभी तक हर एक किमी पर प्राइमरी स्कूल और हर तीन किलोमीटर पर जूनियर हाईस्कूल का नियम है। प्रदेश में एक लाख से ऊपर सरकारी प्राइमरी स्कूल हैं, वहीं जूनियर हाईस्कूल कम हैं। 

Thursday, 30 May 2019

तबादले के लिए शिक्षक कर सकते हैं अब सात जून तक आवेदन, अंतिम तिथि बढी






तबादले के लिए सूबे के राजकीय हाइस्कूल और इंटर कॉलेज के शिक्षक अब सात जून तक आवेदन कर सकेंगे , अंतिम तिथि बढी



सुप्रीम कोर्ट के नए आदेश से टेट अपीयरिंग में प्रभावित 50-60 हजार शिक्षकों को मिल सकती है राहत


सुप्रीम कोर्ट के नए आदेश से टेट अपीयरिंग में प्रभावित 50-60 हजार शिक्षकों को मिल सकती है राहत

जनवरी माह में सुप्रीम कोर्ट ने एक ऐसा आदेश दिया है जो appearing मुद्दे पर प्रभावित होने वाले शिक्षकों को राहत दे सकता है। याची नेता वृजेन्द्र कश्यप ने इस पर प्रकाश डाला है।(सोशल मीडिया से साभार)

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_मित्रो टेट अपीयरिंग मामले की सुनवाई भले ही 22 जनवरी को ना हो पाई हो लेकिन कही ना कही 22 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस अशोक भूषण की कोर्ट से ऐसा आदेश आया है जो हमारे मामले में महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर सकता है_

*The Supreme Court has observed that eligibility of the candidates must be decided with reference to the qualification possessed as on the cut-off date*

मित्रो सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस अशोक भूषण जी की कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि अभ्यर्थी की योग्यता ""कट ऑफ डेट"" से डिसाइड होगी अगर आपने कट ऑफ डेट तक योग्यता प्राप्त कर ली है तो आप उक्त पद के लिए इलिजबल है

*उक्त आदेश में कोर्ट ने 2 याचिओ को रिलीफ दी है और हाई कोर्ट  जम्मू के डबल बेंच के आदेश को *_set aside_* *किया है उक्त याचिओ ने कट ऑफ डेट के बाद योग्यता प्राप्त की है लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने उनकी 22 वर्ष की सर्विस को देखते हुए उनकी याचिका allow कर दी और उनकी जॉब सुरक्षित कर दी*

*उक्त आदेश का सार ये है कि अगर आप कट ऑफ डेट पर आपके पास सभी योग्यताएं है तो आप इलिजबल है टेट अपीयरिंग मामले की 4 दिसम्बर की सुनवाई को भी जस्टिस अरुण मिश्रा जी ने भी _एडवरटाइजमेन्ट की डेट और कट ऑफ डेट_ पूछी थी इसलिए ये आदेश हमको अवश्य फेवर करेगा क्योंकि pursuing का सीधा और स्पष्ट मतलव है अध्ययनरत होता है इसलिए ये आदेश टेट अपीयरिंग में प्रभावित 50-60 हजार शिक्षको के लिए किसी संजीवनी से कम नही है*

_मित्रो हमारी टीम हाई कोर्ट के आदेश के बाद से अब तक लगातार मेहनत कर रही है अब तक हमारी टीम सबसे अधिक सीनियर एडवोकेट लेकर आई और साथ ही status quo और stay भी हमारी टीम ने ही कराया उसके बाद सभी राज्यों के टेट नोटिफिकेशन से लेकर कई राज्यों  टेट अपीयरिंग मैटर को लेकर हाई कोर्ट के आदेश भी हमने अपनी ब्रीफ सिनोप्सिस और अडिशनल डॉक्यूमेंट में लगाए है_

*_राजस्थान हाई कोर्ट के डीबी के ऐसे कई आदेश थे लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट का आदेश आ जाने से उत्तर प्रदेश के टेट अपीयरिंग से प्रभावित शिक्षको को राहत अवश्य मिलेगी_*

_मित्रो आप स्वतः देखिए कि हमारी टीम ही अपीयरिंग मामले को लेकर गम्भीर है और कार्य कर रही है ये आदेश भी सबसे पहले *टीम बीएड12* द्वारा ही आपको और अपने वकीलों को प्रोवाइड कराया गया और हमारी टीम ही आपको विजय श्री तक ले जाएगी_


*वृजेन्द्र कश्यप*
टीमबीएड 2011-12

जुलाई से बदले जाएंगे शिक्षकों के विद्यालय, एक ही स्थान पर वर्षों से कार्य कर रहे अध्यापकों को हटाया जाएगा

जुलाई से बदले जाएंगे शिक्षकों के विद्यालय, एक ही स्थान पर वर्षों से कार्य कर रहे अध्यापकों को हटाया जाएगा। एक विद्यालय में 3 साल से अधिक कार्यरत प्रधानाध्यापक तथा 5 वर्ष से अधिक कार्यरत शिक्षक का बदला जाएगा स्कूल ।इसके साथ ही एक विकास खंड में 10 वर्ष की अवधि पूरी कर चुके सहायक अध्यापक और सात साल की अवधि पूरी कर चुके प्रधानाध्यापक का बदला जाएगा ब्लॉक। ऐसा करने से शाशन को शिक्षा के स्तर में सुधार होने की उम्मीद है।

Thursday, 23 May 2019

72825 भर्ती 2012 फीस वापसी हेतु केवल तीन जिलों ने भेजा मांग पत्र,

72825 भर्ती 2012 फीस वापसी हेतु केवल तीन जिलों ने भेजा मांग पत्र

Wednesday, 22 May 2019

29334 गणित/विज्ञान शिक्षक भर्ती का विवाद पहुंचा सुप्रीम कोर्ट , दाखिल हुई नई याचिका



29334 गणित/विज्ञान  शिक्षक भर्ती में रिक्त पदों को भरने की मांग को ले कर सुप्रीम कोर्ट में नई याचिका दाखिल हुई की गई है


Tuesday, 21 May 2019

शैक्षिक सत्र 2018-19 में UDISE Plus ऑनलाइन फीडिंग के संबंध में निर्देश जारी


शैक्षिक सत्र 2018-19 में UDISE Plus ऑनलाइन फीडिंग के संबंध में निर्देश जारी 





Saturday, 18 May 2019

SIET वी विद्यालय के खातों में पड़ी धनराशि के संबंध में जानकारी हेतु जारी किया पत्र


राज्य शैक्षिक एवं तकनीकी संस्थान ने विद्यालय के खाते में पड़ी यूनिफार्म,स्वेटर,पुस्तकालय, खेलकूद,कंपोजिट ग्रांट,विधुत फिटिंग,एस एम सी प्रशिक्षण,परीक्षा हेतु,इंसीनरेटर आदि  की धनराशि के संबंध में पत्र जारी किया है