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Monday, 23 April 2018

10वीं पास के लिए ISRO मैं नौकरी का मौका, बड़ी आवेदन की अंतिम तिथि

10वीं पास के लिए ISRO मैं नौकरी का मौका, बड़ी आवेदन की अंतिम तिथि


भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने टेक्नीशियन के पदों के लिए वैकेंसी निकाली है। इन पदों पर 10वीं पास और संबंधित ट्रेड में पूर्णकालिक डिप्लोमा धारक उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करने के लिए उम्मीदवार वेबसाइट पर जाएं और दिए गए निर्देशों के अनुसार ऑनलाइन आवेदन करें और उसके बाद आवेदन पत्र के प्रिंटआउट को सुरक्षित रख लें। 

Indian Space Research Organisation (ISRO)

वेबसाइट: www.sac.gov.in 

कुल पद: 78 

पद का विवरण: तकनीशियन ’बी’ 

शैक्षणिक योग्यता: मान्यता प्राप्त संस्थान से 10वीं परीक्षा उत्तीर्ण व संबंधित ट्रेड में पूर्णकालिक डिप्लोमा। 
अंतिम तिथिः 11 मई, 2018 

आयु सीमा: उम्मीदवारों की न्यूनतम आयु 18 वर्ष व अधिकतम आयु 35 वर्ष निर्धारित की गई है। 

ऐसे करें आवेदनः उम्मीदवार वेबसाइट पर जाएं और दिए गए निर्देशों के अनुसार ऑनलाइन आवेदन करें और उसके बाद आवेदन पत्र के प्रिंटआउट को सुरक्षित रख लें। 

चयन प्रक्रियाः लिखित परीक्षा और कौशल परीक्षा के आधार पर 

Advt.

Saturday, 21 April 2018

अब सरकारी स्कूलों में पढ़ाने वाले गुरुजी की छुट्टी भी होगी आनलाईन

अब सरकारी स्कूलों में पढ़ाने वाले गुरुजी की छुट्टी भी होगी आनलाईन

सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को बगैर अवकाश लिये स्कूल से नदारद रहने वाले शिक्षकों के लिए ऐसा करना अब आसान नहीं रहेगा।
शिक्षकों को अवकाश देने के लिए मोबाइल एप व पोर्टल बनाया गया है। शिक्षक को छुट्टी लेने के लिए पोर्टल व मोबाइल एप पर जानकारी देनी होगी। बगैर पोर्टल पर छुट्टी लिए शिक्षक स्कूल से गैरहाजिर पाये जाते हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
बेसिक शिक्षा अधिकारी व खंड शिक्षा अधिकारियों के औचक निरीक्षण के दौरान अक्सर पाया जता है कि कुछ शिक्षक बगैर अवकाश लिए ही स्कूल से नदारद रहते हैं। लगातार शिकायतें मिलने के बाद शासन ने शिक्षकों को दिये जाने वाले अवकाश की प्रक्रिया में बदलाव किया है। शिक्षकों द्वारा लिये जाने वाले अवकाश को पारदर्शी बनाने के लिए शिक्षा विभाग ने आनलाईन पोर्टल व मोबाइल एप तैयार किया है।
शिक्षकों को आकस्मिक अवकाश लेने के लिए पोर्टल पर आनलाईन प्रार्थना पत्र दर्ज कराना होगा। आनलाईन छुट्टी दर्ज कराने के बाद ही शिक्षक स्कूल से नदारद रहेंगे। विभागीय द्वारा औचक निरीक्षण के दौरान अगर बगैर छुट्टी दर्ज कराए शिक्षक स्कूल से नदारद मिलते हैं तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
बीएसए व खंड शिक्षा अधिकारियों को दी पोर्टल के उपयोग की जानकारी
संभल। शिक्षा विभाग ने शिक्षकों की छुट्टी को पारदर्शी बनाने के लिए http:betleaves.com पोर्टल बनाया है। बेसिक शिक्षा अधिकारी व खंड शिक्षा अधिकारियों को इस पोर्टल का कैसे उपयोग करना है। इसके लिए शिक्षा विभाग ने बेसिक शिक्षा अधिकारी को विवरण पत्र भेजा है। वहीं बीएसए व बीईओ को पासवर्ड भी भेज दिया है। अपर शिक्षा निदेशक रुबी सिंह ने एक बार उपयोग करने के बाद पासवर्ड बदलने के निर्देश दिये हैं।

Thursday, 19 April 2018

जानें नेशनल पेंशन स्कीम (NPS) क्या है

जानें नेशनल पेंशन स्कीम (NPS) क्या है

नेशनल पेंशन स्कीम सरकार की पहल है
यह योजना सभी के लिए खुली
NPS में है कर छूट की व्यवस्था.

नई दिल्ली: हर नौकरीपेशा की नौकरी के कुछ साल में यह चिंता हो जाती है कि आज तो ठीक है, लेकिन जब नौकरी नहीं होगी तब आय कैसे होगी. यानी रिटायरमेंट के बाद की आय की चिंता. इसका समाधान एनपीएस (नेशनल पेंशन स्कीम) के जरिए किया जा सकता है. एनपीएस का मतलब है नेशनल पेंशन स्कीम. एनपीएस एक पेंशन योजना है. इस योजना में अपने रिटायरमेंट के बाद के जीवन के लिए निवेश किया जाता है. व्यक्ति के निवेश और उस पर मिलने वाले रिटर्न से एनपीएस खाता बढ़ता है.
रिटायर होने के बाद इसी पैसे से सरकार पेंशन देती है. यहां पर रिटायरमेंट की उम्र को 60 साल माना जा रहा है. रिटायर होने पर या 60 वर्ष की आयु के होने पर खाता बंद करने का विकल्प होता है. खाता बंद करते समय एक मुश्त या जरूरत के हिसाब से रुपया भी निकाला जा सकता है. बचे हुए पैसे से एक वार्षिकी उत्पाद (annuity plan) खरीदना पड़ता है. ध्यान दें पूरी राशि का इस्तेमाल भी एन्युटी प्लान भी खरीद सकते हैं. एन्युटी प्लान (वार्षिकी) क्या के तहत एक बीमा कंपनी को एक मुश्त पैसा दिया जाता है और इसके बदले वह कंपनी पूरी ज़िन्दगी पेंशन देनी की व्यवस्था करती है. इसे ऐसे भी समझा जा सकता है कि अगर इस खाते में 10 लाख रुपये हैं और उस समय ब्याज 6 प्रतिशत है. कंपनी 10 लाख रुपये लेकर आपको आजीवन हर वर्ष 60,000 (10 लाख X 6%) रुपये देगी. अगर मासिक आय का विकल्प चुना जाता है, तब हर महीने 5,000 रुपये मिलेंगे.
एक बात और, वार्षिकी या एन्युटी प्लान कई स्वरूप में आते हैं. जैसे की आप चाहें तो आपके बाद आपके पति या पत्नी को भी पेंशन जारी रह सकती है.आप अपनी ज़रूरत के अनुसार विकल्प चुन सकते हैं.
एनपीएस में चार सेक्टर होते हैं
एनपीएस खाता खोलने के कई तरीके हैं. आप किस तरीके से खाता खोलते हैं, उस बात से तय होता है, कि आप कैसे एनपीएस के तहत आते हैं.

केंद्रीय सरकार के कर्मचारियों के लिए

राज्य सरकार के कर्मचारियों के लिए

निजी क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए

आम नागरिकों (सिटीजन) के लिए

हकीकत यह है कि इन खातों में ज्यादा अंतर नहीं है. अगर नियोक्ता से भी योगदान चाहिए, तो उनके अनुसार एनपीएस खाता खोलना होगा या फिर पुराने खाते की जानकारी देनी होगी. सरकारी एनपीएस खातों में निवेश के नियम कुछ अलग होते हैं. 

एक आदमी एक ही एनपीएस खाता खोल सकता है. जब कोई एनपीएस अकाउंट खोलता है, तो उसे एक PRAN (Permanent Retirement Account Number) मिलता है. एक व्यक्ति के पास केवल एक ही PRAN हो सकता है. इसका मतलब दूसरा PRAN नहीं खोला जा सकता है. PRAN पूरी तरह पोर्टेबल है. यानी अगर एनपीएस अकाउंट शिफ्ट करना है, तो नया अकाउंट खोलने की ज़रूरत नहीं है. पुराने खाते को ही शिफ्ट किया जा सकता है. 
किसी बैंक शाखा में जाकर एनपीएस खाता खोला जा सकता है. आधार की मदद से भी एनपीएस खाता खोला जा सकता है.
एनपीएस में दो तरह के अकाउंट होते हैं.

एनपीएस टियर 1 और एनपीएस टियर 2.

इनमें से केवल एनपीएस टियर 1 ही रिटायरमेंट पेंशन अकाउंट है. टियर 2 अकाउंट एक म्यूच्यूअल फण्ड की तरह है. खाताधारक जब चाहे पैसे निकाल सकता है.

गौरतलब है कि एनपीएस में रिटर्न की गारंटी नहीं है और न ही सरकार हर वर्ष रिटर्न की घोषणा करती है. निवेश करते समय यह बताया जा सकता है कि पैसा कैसे निवेश करना है. एनपीएस खाता खोलने का बाद चाहें तो यह निवेश का पैटर्न बदला भी जा सकता है.
यहां पर निवेश के कई विकल्प हैं -
इक्विटी फण्ड (E) में पैसा लगाया जा सकता है
सरकारी बोंड्स (G) में पैसा लगाया जा सकता है
कॉर्पोरेट बांड्स (C) में पैसा लगाया जा सकता है
इसमें फंज मेनेजर का चयन भी करना पड़ता है.
यहां पर निवेश के दो तरीके हैं. निवेशक (E), (G) या (C) (ऊपर बताया गया है) में डाल सकता है. कॉर्पोरेट सेक्टर एनपीएस और आल सिटीजन्स मॉडल एनपीएस ग्राहकों के लिए इक्विटी फण्ड (E) में निवेश करने की सीमा अधिकतम 50% प्रतिशत है. सरकारी एनपीएस में यह सीमा 15% है.
अब एनपीएस में निवेश पर टैक्स लाभ मिलते हैं. कुछ खास स्थिति में एनपीएस से कुछ पैसा निकालने की अनुमति है. गंभीर बीमारियों की इलाज़ के लिए, बच्चों की उच्च शिक्षा या विवाह के लिए या घर खरीदने या बनाने के लिए अपने एनपीएस खाते से कुछ पैसे निकाले जा सकते हैं.

Wednesday, 18 April 2018

सरकारी हाईस्कूल और इंटर कॉलेजों के शिक्षकों की तबादला नीति जारी, राजकीय शिक्षकों के तबादलों के आवेदन 30 अप्रैल तक

सरकारी हाईस्कूल और इंटर कॉलेजों के शिक्षकों की तबादला नीति जारी, राजकीय शिक्षकों के तबादलों के आवेदन 30 अप्रैल तक
•एनबीटी ब्यूरो, लखनऊ : राजकीय हाईस्कूल और इंटर कॉलेजों के शिक्षकों के तबादलों की नीति प्रदेश सरकार ने जारी कर दी है। ऑनलाइन तबादलों के लिए आवेदन 30 अप्रैल तक किए जा सकेंगे। शिक्षकों की संख्या के 20 प्रतिशत शिक्षकों के ही तबादले होंगे। सरकार ने तबादलों के लिए जिलों को दूरी के आधार पर तीन जोन में बांटा है। तय मानकों और अंकों के आधार पर मेरिट से तबादले किए जाएंगे।
 जिला मुख्यालय से आठ किलोमीटर या म्युनिसिपल सीमा के भीतर तबादलों को पहले जोन में रखा गया है। दूसरे जोन में तहसील मुख्यालय से दो किलोमीटर की दूरी तय की गई है। तीसरे जोन में तहसील से दो किलोमीटर से ज्यादा दूरी वाले इलाके रखे गए हैं। आवेदन पत्रों में तय मानक के अनुसार अंक दिए जाएंगे। एक से ज्यादा आवेदक के अंक बराबर होने पर ज्यादा आयु वाले को वरीयता मिलेगी। आयु भी बराबर होने पर वरिष्ठता को आधार बनाया जाएगा। इंटर कॉलेजों के प्रवक्ता के लिए चार स्तर पर अंक का प्रावधान किया गया है। पति या पत्नी में से कोई सेना में है और सीमा पर कार्यरत हे तो उसके 100 नंबर मिलेंगे। इसी तरह कैंसर, एड्स, किडनी, लिवर की गंभीर बीमारी से ग्रस्त होने, 30 जून को 58 वर्ष की आयु पूरी करने वालों को 100 और पति-पत्नी दोनों के शासकीय सेवा में होने पर संबंधित जनपद में तबादले के लिए भी 100 अंक मिलेंगे। वहीं हाईस्कूल के सहायक अध्यापकों को आठ श्रेणियों में बांटा गया है। सभी आठ श्रेणियों में रखा गया है। इसमें 40 से 60 प्रतिशत विकलांगता वालों को 10 और 60 से 80 प्रतिशत विकलांगता वालों को 20 अंक दिए जाएंगे। गंभीर बीमारी पर 10, राज्य पुरस्कार प्राप्त शिक्षकों को 10, विधवा/तलाकशुदा महिला को 10, विधुर पुरुष जिसके बच्चे हों उनको 10, महिला शिक्षिका को 10, पिछली बोर्ड परीक्षा में 100 फीसदी रिजल्ट देने वाले शिक्षकों को 10 व 10 साल की नौकरी पूरी कर चुके शिक्षकों को एक अंक और अधिकतम 20 अंक दिए जाएंगे।

Friday, 13 April 2018

75 हजार से अधिक शिक्षकों की भर्ती का रास्ता साफ, हाईकोर्ट ने बेसिक शिक्षकों की भर्ती पर रोक लगाने से किया इन्कार सभी प्रक्रिया दो महीने में पूरी करने का दिया आदेश

75 हजार से अधिक शिक्षकों की भर्ती का रास्ता साफ, हाईकोर्ट ने बेसिक शिक्षकों की भर्ती पर रोक लगाने से किया इन्कार सभी प्रक्रिया दो महीने में पूरी करने का दिया आदेश

इलाहाबाद : इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बेसिक शिक्षकों की भर्ती पर रोक लगाने से इन्कार कर दिया। साथ ही सभी प्रक्रिया दो महीने में पूरी करने का आदेश भी दिया है। कोर्ट ने एकल पीठ के आदेश को सही ठहराया है और बेसिक शिक्षकों की भर्ती को लेकर दाखिल राज्य सरकार की अपील खारिज कर दी है। प्रदेश में करीब 75 शिक्षक व अनुदेशकों की भर्ती का रास्ता साफ हो गया है। 1यह आदेश न्यायमूर्ति दिलीप गुप्ता और न्यायमूर्ति नीरज त्रिपाठी की खंडपीठ ने दिया है। कोर्ट के इस आदेश से 32,022 अनुदेशक, 29,334 गणित व विज्ञान शिक्षक, 16,448 बेसिक शिक्षक, 12,460 बेसिक शिक्षक और चार हजार उर्दू शिक्षकों सहित 75 हजार से ज्यादा शिक्षकों की भर्ती का रास्ता साफ हो गया है। 1राज्य सरकार ने 23 मार्च, 2017 को समीक्षा के नाम पर सभी भर्ती प्रक्रिया रोक दी थी, जिसके बाद कुलदीप सिंह व अन्य की ओर से दाखिल याचिका पर एकल पीठ ने तीन नवंबर, 2017 के आदेश से दो माह में भर्ती पूरी करने को कहा था। सरकार ने इस आदेश को चुनौती दी थी।

Monday, 2 April 2018

स्टेशन मास्टर के लिए निकली 50 हजार से अधिक पदों पर आवेदन

स्टेशन मास्टर के लिए निकली 50 हजार से अधिक पदों पर आवेदन

इंडियन रेलवे ने स्टेशन मास्टर के लिए 50000 पदों पर आवेदन आमंत्रित किया है जो अभ्यर्थी इच्छुक हैं वे इस फॉर्म को अंतिम तिथि से पहले भर सकते हैं | अधिक जानकारी के लिए इस खबर को पूरा पढ़ें |

पद का नाम : स्टेशन मास्टर

पदों की संख्या : 50000 से अधिक पद

आवेदन शुरू होने की तिथि : 4 अप्रैल 2018

आवेदन करने की अंतिम तिथि : 6 मई' 2018

आयु सीमा : न्यूनतम आयु 18 वर्ष और अधिकतम आयु 45 वर्ष होनी चाहिए | छूट की जानकारी के लिए नोटिफिकेशन पढ़ें।

शैक्षिक योग्यता : स्नातक डिग्री होनी चाहिए किसी भी मान्यता प्राप्त संस्थान से

चयन प्रकिर्या : अभ्यर्थियों का चयन निम्न के आधार पर किया जायेगा
CBT 1
CBT 2
Interview

वेतन : वेतन की जानकारी के लिए नोटिफिकेशन पढ़ें ।
आवेदन शुल्क : जनरल और ओबीसी 500 रूपये और अन्य के लिए 250 रूपये

जांच में मिली क्लीन चिट, बीएसए एसके तिवारी बहाल

जांच में मिली क्लीन चिट, बीएसए एसके तिवारी बहाल
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जनपद-एटा

शिक्षामित्र द्वारा आत्महत्या किए जाने के मामले में विभिन्न आरोपों को लेकर निलंबित किए गए बीएसए एसके तिवारी को पुनः बहाली मिल गई है। उन पर लगाए गए आरोपों की जांच के बाद अधिकारियों द्वारा क्लीन चिट दिए जाने की स्थिति में यथा तैनाती निलंबन वापस लेते हुए बहाल किया गया है। 30 मार्च को वह पुन: पदभार ग्रहण करेंगे।

ज्ञात हो,-बीते महीने अवागढ़ क्षेत्र में तैनात शिक्षामित्र द्वारा आत्महत्या कर ली गई थी। आत्महत्या के पीछे *बीएसए* पर *लापरवाही* के अलावा *तमाम आरोप लगे* और *मामले* को *विधान परिषद* में *शिक्षक विधायक* जगवीर किशोर जैन ने उठा दिया।

वही *शासन* ने *आनन-फानन* में *बीएसए* एसके तिवारी को *बिना जांच* के ही 15 *फरवरी* को *निलंबित* कर दिया। उनके *निलंबन* के बाद *जनपद* के *शिक्षकों* और *शिक्षक संगठनों* ने *गलत तरीके* से किए गए *निलंबन* का *जमकर विरोध* तो किया ही, बल्कि शासन द्वारा नामित किए गए *जांच अधिकारी* एस राजलिंगम के एटा आने पर भी प्रदर्शन कर विरोध जताया तथा ज्ञापन भी दिया।

इसके *बाद* से *चल रही जांच* को *पूरा होने* के बाद *रिपोर्ट शासन* को सौंपी गई।

*जांच* में *निलंबित बीएसए* पर लगाए गए *आरोप पूरी गलत* साबित हुए, जिसके बाद उन्हें *मामले* में *क्लीन चिट* दी गई। *शासन* को *जांच रिपोर्ट* मिलने के बाद *बेसिक शिक्षा विभाग* के *विशेष सचिव देव प्रताप सिंह ने उनका निलंबन निरस्त करते हुए उन्हें पुन: जनपद में ही पद पर बहाल करने का आदेश दिया है।

आदेश की जानकारी जिला मुख्यालय पर मिलने के बाद जिले के शिक्षकों में एक खुशी की लहर दौड़ उठी।

Thursday, 8 March 2018

50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों के लिए खुशखबरी, सरकार ने दिया ये तोहफा

50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों के लिए खुशखबरी, सरकार ने दिया ये तोहफा

मंत्रिमंडल ने केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए महंगाई भत्ता बढ़ाया.

नई दिल्लीः मंत्रिमंडल ने केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए महंगाई भत्ता 5 प्रतिशत से बढ़ाकर 7 प्रतिशत कर दिया है. कर्मचारियों को बढ़े हुए भत्ते का लाभ 1 जनवरी 2018 से मिलेगा. केंद्र के इस फैसले से 50 लाख कर्मचारियों और 61 लाख पेंशनर्स को फायदा मिलेगा. महंगाई भत्ते में बढ़ोत्तरी सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के आधार पर की गई है. केंद्रीय कर्मचारियों को अभी उनकी बेसिक सैलरी पर 5 फीसदी दर से महंगाई भत्ता मिलता था. केंद्रीय केबिनेट ने सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को 28 जून 2016 को ही मंजूरी दे दी थी..
सातवें वेतन आयोग ने केंद्रीय कर्मचारियों की बेसिक सैलरी में 14.27 फीसदी की बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी थी. केंद्र सरकार ने सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के तहत केंद्रीय कर्मचारियों की मिनिमम सैलरी 7,000 रुपए से बढ़ाकर 18,000 रुपए महीने करने को मंजूरी दे दी थी. वहीं फिटमेंट फेक्टर को भी 2.57 फीसदी बढ़ाने को मंजूरी दे दी थी..
केंद्रीय कर्माचरियों की मांग है कि उनकी न्यूनतम तनख्वाह  18,000 रुपए महीने की जगह 26,000 रुपए महीना किया जाए. इसके अलावा फिटमेंट फैक्टर को भी 2.57 गुने से बढ़ाकर 3.68 गुना किया जाए. मीडिया में आई खबरों के मुताबिक केंद्र सरकार कर्मचारियों की इस मांग पर विचार कर रही है. वेतन विसंगति को सुलाझाने के लिए नेशनल अनॉमली कमेटी बनाई गई थी..
न्यूनतम वेतन मे बढ़ोतरी और फिटमेंट फेक्टर वेतन विसंगति नहीं थे, इसलिए यह नेशनल अनॉमली कमेटी के दायरे में नहीं आए.बुधवार को कैबिनेट की बैठक कई अन्य फैसले भी लिए गए जिसमें सरकार ने दूरसंचार क्षेत्र के लिए राहत पैकेज को मंजूरी दी, नीलामी में खरीदे गए स्पेक्ट्रम के भुगतान के लिए और समय दिया गया है..

Wednesday, 7 March 2018

*विवादास्पद टीईटी- 2017 की समीक्षा*:-

*विवादास्पद टीईटी- 2017 की समीक्षा*:-
📌📌📌📌📌📌📌📌📌📌

*जैसा कि इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ खण्ड पीठ में टीईटी -2017 के विवादास्पद प्रश्नों पर अन्तिम फाइनल फैसला दिनांक - 29 जनवरी को जज श्री विवेक चौधरी जी के द्वारा होने जा रहा है, जो कि निम्नांकित विवादित प्रश्नों के अनुसार कम से कम 10 अंकों तक वृद्धि होनी चाहिए, यदि ऐसा सत्य हुआ तो, लगभग 20,000/- शिक्षामित्र टीईटी उत्तीर्ण हो जाएगे, और इनके शिक्षक बनने का राह कुछ आसान हो सकती है*
साथियों टेट-२०१७ आपत्ति के जवाब में कोर्ट द्वारा साक्ष्यों के आधार पर संभावित प्रश्न जिनपर नंबर मिलना तय है. उन्हें डार्क किया गया है, क्योंकि कोर्ट साक्ष्य के आधार पर निर्णय करेगी।  के
  जो साक्ष्य प्रश्नों पर दिये गये है. उनका विवरण :-
*आपत्ति वाले प्रश्न  B. सिरीज के नंबर क्रमशः :-*

*१८.निम्न में से कौन अधिगम के पठार का कारण नहीं है?*
(१) प्रेरणा की सीमा
(२) विद्यालय का असहयोग
(३) शारीरिक सीमा
(४) ज्ञान की सीमा
     उपरोक्त प्रश्न में (२)विद्यालय का असहयोग  को सही उत्तर आंसर में आप के द्वारा जारी किया गया है जबकि इसमें दिये गये सभी विकल्प पठार निर्माण का कारण है। सभी को नम्बर दिया जाना चाहिए। २ साक्ष्य:- *DLED प्रथम सेमेस्टर व शिक्षा मित्र प्रशिक्षण प्रथम सेमेस्टर से*

*२२-बच्चों के सामाजिक विकास को प्रभावित करने वाले कारक हैं*
(१) आर्थिक तत्व
(२) सामाजिक परिवेशजन्य तत्व
(३) शारीरिक तत्व
(४) वंशानुगत तत्व
     उपरोक्त प्रश्न में (२) सामाजिक परिवेशजन्य तत्व को सही उत्तर घोषित किया गया है। जबकि चारो विकल्प सामाजिक विकास को प्रभावित करते है। इसका नम्बर सभी को दिया जाना चाहिए। *२ साक्ष्य :- *DLED प्रथम सेमेस्टर व लूसेंट बुक से*

२३-निम्न में से कौन सा शारीरिक विकास का एक प्रमुख नियम है
(१) मानसिक विकास से भिन्नता का नियम
(२) अनियमित विकास का नियम
(३) द्रुति गामी विकास का नियम
(४) कल्पना और संवेगात्मक
     उपरोक्त में (३) द्रुति गामी विकास का नियम को सही माना गया है। जबकि विकास कभी तीव्र कभी धीमा होता है इस आधार पर (२) अनियमित विकास का नियम भी सही है। (२) और (३) दोनों पर नम्बर सभी को मिलना चाहिए । *१ साक्ष्य :- *लूसेंट बुक से*

२४-निम्न में से कौन सा विकास का सिद्धांत नहीं है
(१) अनुकूलित प्रत्यावर्तन का सिद्धांत
(२) निरंतर विकास का सिद्धांत
(३) परस्पर सम्बन्ध का सिद्धांत
(४) समान प्रतिमान का सिद्धांत
    उपरोक्त प्रश्न में (१)अनुकूलित प्रत्यावर्तन के सिद्धान्त को सही माना गया है जबकि समान प्रतिमान का सिद्धान्त भी विकास का सिद्धान्त न होकर वंशानुक्रम का सिद्धान्त है। अतः (१) और (४) दोनों सही है। *१ साक्ष्य :- लूसेंट बुक से*

*५-विद्रोह की भावना की प्रवृत्ति निम्न में से किस अवस्था से सम्बन्धित है?*
(१) बाल्यावस्था
(२) शैशवावस्था
(३) पूर्व किशोरावस्था
(४) मध्य किशोरावस्था
     उपरोक्त में (३) पूर्व किशोरावस्था को सही माना गया है जबकि अधिकृत पुस्तकों में किशोरावस्था में विद्रोह की भावना माना गया है। अतः सभी विकल्प गलत है।सभी को अंक मिलना चाहिए। *२ साक्ष्य :- *DLED प्रथम सेमेस्टर व इग्नू बीएड गाइड से*

*१३-शिक्षण हेतु मानसिक उद्वेलन प्रतिमान का प्रयोग निम्न में से किसके सुधार हेतु किया जाता है*
(१) समझ
(२) अनुप्रयोग
(३) सृजनात्मकता
(४) समस्या समाधान
   उपरोक्त में (३) सृजनात्मकता को सही माना गया है जबकि मानसिक उद्वेलन का संबंध विकल्प (४) समस्या समाधीन से है। *१ साक्ष्य :- *NCERT बुक क्लास ११*

*५२-हिन्दी भाषा में कितनी बोलियाँ है?*
(१) १५
(२) २५
(३) १८
(४) २२
    उपरोक्त में (३) १८ को सही माना गया जबकि लुसेंट में कुल बोलियाँ १७, बताया गया है। सभी विकास गलत है। सभी को एक अंक मिलना चाहिए । *३ साक्ष्य :- हरदेव बाहरी १९, व्याकरण वाटिका १९, लूसेंट १७*

५९-निम्नलिखित में से कौन सी व्याकरण और वर्तनी से शुद्ध भाषा कहलाती है?
(१) साहित्यिक भाषा
(२) प्रांजल भाषा
(३) व्याकरणिक भाषा
(४) मानक भाषा
    उपरोक्त में (४) मानक भाषा को सही मान गया है परंतु व्याकरणिक भाषा भी शुद्ध भाषा होती है अतः (३) (४) दोनों सही है। *२ साक्ष्य :- DLED प्रथम सेमेस्टर व व्याकरण वाटिका*

*८१-पितृ शब्द का सम्बोधन एकवचन रूप होगा।*
(१) हे पितृ
(२) हे पिता
(३) हे पित:
(४) हे पित्र:
     उपरोक्त में (३) हे पितः को सही माना गया है परंतु सम्बोधन विभक्ति मे (!) चिह्न आवश्यक है। इस कारण सभी उत्तर गलत है ।सभी को अंक मिलना चाहिए । *१ साक्ष्य :- DLED प्रथम सेमेस्टर*

८३-चाहिये अर्थ में कौन सा प्रत्यय प्रयुक्त होता है।
(१) तुमुन
(२) तव्यत
(३) क्तवतु
(४) ल्यप्
    उपरोक्त में (१) और (२) दोनों सही है। *१ साक्ष्य :- UPTET विद्या से*

६५-शिशु: मोदकाय रोदिति उदाहरण है
(१) स्पृहेरीप्सित: का
(२) तादर्थ्ये चतुर्थी वाच्या का
(३) रूच्यर्थानां प्रीयमाण: का
(४) हितयोगे च का
    उपरोक्त में (२) तादर्थ्य चतुर्थी को सही माना गया है जबकि (३) रुच्यर्थानां प्रीयमाणः भी सही है। दोनों पर अंक मिलना चाहिए । *१ साक्ष्य :- DLED प्रथम सेमेस्टर से*

*८२-क्ष मिलकर बना है।*
(१) क् और ष् से
(२) क् और छ् से
(३) च् और छ् से
(४) च् और श् से
     उपरोक्त में (१) क्+ष्= क्ष माना गया है जो गलत है। इसमें दोनों अर्ध अक्षर है। क् + ष् +अ =क्ष होता है या क् + ष = क्ष होता है।कोई विकल्प सही नहीं है। अतः सभी को अंक मिलना चाहिए। *२ साक्ष्य :- DLED प्रथम सेमेस्टर व व्याकरण वाटिका से*

*७०-दा धातु किस गण की है*
(१) भ्वादिगण
(२) अदादिगण
(३) तनादिगण
(४) जुहोत्यादिगण
उपरोक्त में (४) जुहोत्यादिगण को सही माना गया  है जबकि (१) भ्वादि गण (२) अदादि गण तीनों में दा धातु होता है । (१) (२)(४) सभी पर अंक दिया जाना चाहिए। *१ साक्ष्य :- DLED प्रथम सेमेस्टर से*

*७६-नयनम् में प्रयुक्त प्रकृति एवं प्रत्यय है।*
(१) नम्+ ल्यूट्
(२) नी+ ल्यूट्
(३) ने+ ल्यूट्
(४) नयन + ल्यूट्
     उपरोक्त में (२) नी + ल्यूट = नयनम् माना गया है जबकि नम्+ल्यूट = नयनम् भी होता है १ और (२) दोनों सही है। *१ साक्ष्य :- संस्कृत कक्षा-१२ यूपी बोर्ड द्वारा संचालित बुक से*

१४६-निम्नलिखित पराबैंगनी किरणों में से कौन सा अधिक हानिकारक है?
(१) UV-A
(२) UV-B
(३) UV-C
(४) उपर्युक्त में से कोई नहीं
     उपरोक्त में (३) UV-C को सही माना गया जबकि ये किरण भूमि पर नहीं आती है। (२) UV-B भी सही है। *१ साक्ष्य :- NCERT बुक से*

*१४९-डब्ल्यू डब्ल्यू एफ से आशय है।*
(१) वर्ल्ड वाइड फंड
(२) वर्ल्ड वॉर फंड
(३) वर्ल्ड वाइल्डलाइफ फंड
(४) वर्ल्ड वॉच फंड
     उपरोक्त में (१) और (३) दोनों सही है। *१ साक्ष्य :- यूपीटेट बुक से*
*चार मुख्य हो सकते हैं, प्रश्न आउट ऑफ स्लेबस* :-

१४४-संविधान सभा ने राष्ट्रीय गान को अपनाया
(१) २० जनवरी, १९५० को
(२) २४ जनवरी, १९५० को
(३) २१ मई, १९४९ को
(४) १३ नवम्बर, १९४९ को

१२६-संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में कितने स्थायी सदस्य हैं?
(१) ३
(२) ४
(३) ५
(४) ६

१३३-किस देस के संविधान से मौलिक कर्तव्यों को लिया गया है?
(१) जर्मनी
(२) यूनाइटेड किंगडम
(३) यू० एस० ए०
(४) यू० एस० एस० आर०

१४३-अन्तर्राष्ट्रीय न्यायालय का मुख्यालय अवस्थित है।
(१) जेनेवा में
(२) हेग में
(३) न्यूयॉर्क में
(४) पेरिस में
 
*टेट-२०१७ के उक्त गलत प्रश्नों से फायदा मिल सकता है, जो कि 29 जनवरी को लखनऊ खण्ड पीठ के अन्तिम आदेश से स्पष्ट हो जाएगा*
उक्त जानकारी के साथ
*जय महाकाल*