Welcome to BASIC KA TEACHER.COM

Translate

Sunday, 14 May 2017

शिक्षकों के तबादले को हरियाणा मॉडल में यूं ही नहीं दिलचस्पी

शिक्षकों के तबादले को हरियाणा मॉडल में यूं ही नहीं दिलचस्पी

वेब आधारित प्रक्रिया के चलते मानवीय हस्तक्षेप की गुंजाइश नहीं, स्कूलों का आवंटन कंपोजिट स्कोर के आधार पर

परिषदीय और राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों की बेतरतीब तैनाती से जूझ रही उत्तर प्रदेश सरकार ने अध्यापकों के तबादले के लिए हरियाणा की शिक्षक स्थानांतरण नीति में दिलचस्पी अकारण नहीं दिखाई है। स्कूलों में शिक्षकों की वास्तविक मांग, समानता और पारदर्शिता के आधार पर तैयार की गई इस स्थानांतरण नीति के जरिये किए जाने वाले तबादलों में मानवीय हस्तक्षेप की गुंजाइश नहीं है। शिक्षकों के तबादले वेब आधारित एप्लीकेशन के जरिये ही होते हैं।

हर पांच साल में तबादला : हरियाणा की शिक्षक स्थानांतरण नीति के तहत जिला मुख्यालय से दूरी के आधार पर हर जिले के स्कूलों को सात जोन में बांटा गया है। यह मानते हुए कि एक शिक्षक 35 साल तक पढ़ाता है, उसे अपने सेवाकाल के दौरान सातों जोन में सेवाएं देनी होंगी। इससे तबादलों में नगर और ग्रामीण क्षेत्र का अंतर मिट जाता है। पांच साल से एक ही स्कूल/जोन में तैनात शिक्षकों का तबादला अनिवार्य रूप से दूसरे जोन में कर दिया जाता है। वहीं, तीन साल के बाद शिक्षक तबादले की इच्छा जता सकता है।

रिक्त पदों की सूची वेबसाइट पर : तबादलों में ईमानदारी और पारदर्शिता के लिहाज से शिक्षकों के रिक्त पदों की सूची शिक्षा विभाग की वेबसाइट पर अध्यापकों से आवेदन (विकल्प) लिए जाने से पहले ही प्रदर्शित कर दी जाती है। शिक्षकों के भारांक भी वेबसाइट पर प्रदर्शित कर दिये जाते हैं ताकि अध्यापकों को इसकी जानकारी हो सके।

आवेदन और तबादले की प्रक्रिया ऑनलाइन : शिक्षकों की तैनाती के लिए ऑनलाइन आवेदन लिए जाते हैं। इसके लिए हरियाणा के शिक्षा विभाग ने वेब आधारित एप्लीकेशन तैयार किया है। तबादलों के इच्छुक शिक्षकों को ऑनलाइन आवेदन के जरिये अपनी पसंद के जोन और स्कूल के विकल्प देने होते हैं। शिक्षकों का तबादला और उन्हें स्कूल का आवंटन उनकी अर्हता, विकल्प और कंपोजिट स्कोर के आधार पर किया जाता है।

ऐसे होती है कंपोजिट स्कोर की गणना : किसी रिक्ति के सापेक्ष उस पद पर तैनाती शिक्षक के कंपोजिट स्कोर के आधार पर की जाती है। जिस शिक्षक का कंपोजिट स्कोर अधिकतम होगा, रिक्ति के सापेक्ष उसका ट्रांसफर किया जाएगा। कंपोजिट स्कोर का निर्धारण मुख्य रूप से शिक्षक की उम्र, शैक्षिक उपलब्धियों, लिंग, वैवाहिक स्थिति, बीमारी, दिव्यांगता आदि के आधार पर किया जाता है। सबके अलग-अलग भारांक निर्धारित हैं।

यदि कोई शिक्षक दुर्गम और पिछड़े क्षेत्र के स्कूल में ट्रांसफर चाहता है तो उसे वहां तैनात करने पर दो वेतनवृद्धि दी जाती है। पिछड़े से सामान्य क्षेत्र में तबादला होने पर यह वेतनवृद्धि का लाभ समाप्त हो जाता है। उप मुख्यमंत्री डॉ.दिनेश शर्मा और बेसिक, माध्यमिक व उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारियों के सामने हरियाणा के अपर मुख्य सचिव शिक्षा पीके दास व अपर शिक्षा निदेशक वीरेंद्र सहरावत ने अपने राज्य में लागू शिक्षक स्थानांतरण नीति का शुक्रवार को प्रस्तुतीकरण किया था। यही वजह है कि प्रस्तुतीकरण के बाद उप मुख्यमंत्री ने अध्यापकों के स्थानांतरण के लिए शिक्षकों के सेवा संबंधी विवरणों का डिजिटल डाटाबेस तैयार करने का निर्देश दिया।

Saturday, 13 May 2017

योगी सरकार परिषदीय स्कूलों की शिक्षिकाओं पर है मेहरबान, दिया बड़ा तोहफा

योगी सरकार परिषदीय स्कूलों की शिक्षिकाओं पर है मेहरबान, दिया बड़ा तोहफा


महोबा: योगी सरकार शिक्षिकाओं को एक बड़ा तोहफा दे सकती है। अभी तक उपेक्षा का शिकार रहीं प्राथमिक और जूनियर स्कूल की शिक्षिकाओं की दशा में अब सुधार होता दिख रहा है। योगी सरकार उन शिक्षिकाओं की सूची तैयार करवा रही है जो अपने घर से दूर दराज क्षेत्रों में लंबे समय से शैक्षिक कार्य करतीं चली आ रही हैं। उन शिक्षिकाओं को अब राहत मिलने की उम्मीद दिख रही है।

जुलाई से शुरू होने वाले शैक्षिक सत्र में स्कूलों में टीचरों के काफी फेरबदल हो सकते हैं। इसमें अपने घरों से दूर स्कूलों में पढ़ाने के लिए जाने वाली शिक्षिकाओं को योगी सरकार से राहत मिलने जा रही है। सरकार ने जिलों से मांगी गई रिपोर्ट में कहा है कि महिला शिक्षिकाओं की सूची तैयार करें। उसमें केटेगिरी भी दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं। अभी तक जिन महिला टीचरों के साथ भेदभाव होता रहा है। उन्हें प्रमोशन के नाम पर या तबादले के समय उपेक्षित किया जाता रहा है उन्हें लाभ दिया जाएगा। महिला टीचरों को उनके निवास स्थान के नजदीक रखा जाएगा। वहीं ऐसी महिला टीचर जो अपने निवास स्थान के नजदीक शैक्षिक कार्य करतीं चली आ रही हैं उन्हें वहां से हटाया नहीं जाएगा। इसीलिए
योगी सरकार ने सभी जिलों से महिला टीचरों की डिटेल तलब की है। सरकार का मानना है कि स्कूलों में महिला टीचर अपने आने के समय और वहां पढ़ाने को लेकर काफी सजग रहती हैं। महिलाओं को शैक्षिक कार्य के साथ घरों की भी देखभाल करने की जिम्मेदारी रहती है। इन हालातों में उनकी समस्याओं को देखते हुए उन्हें नजदीक के स्कूल में ही रखने की व्यवस्था होनी चाहिए। बेसिक शिक्षाधिकारी अमित कुमार ने बताया कि महिला टीचरों की डिटेल एकत्र की जा रही है।

उत्तर प्रदेश के प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों में शनिवार रहेगा 'नो बैग डे'

उत्तर प्रदेश के प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों में शनिवार रहेगा 'नो बैग डे'

_लखनऊ (जेएनएन)। राज्य सरकार ने प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों के बच्चों को शनिवार को स्कूल बैग ले जाने से निजात दिलाने का अभूतपूर्व फैसला किया है। इन स्कूलों में अब शनिवार को 'नो बैग डे'होगा। उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा की अध्यक्षता में शुक्रवार को हरियाणा के अपर मुख्य सचिव शिक्षा पीके दास व शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारियों के साथ हुई बैठक में यह निर्णय किया गया। बैठक में विचार विमर्श हुआ कि सभी प्राथमिक व माध्यमिक विद्यालयों में शनिवार के दिन केवल पाठ्य सहगामी क्रियाकलाप (ज्वायफुल एक्टिविटी) ही होंगे तथा इस दिन कोई भी छात्र स्कूल बैग नहीं लाएगा। इससे छात्रों व अध्यापकों के बीच मधुर संबंध बनेंगे। विद्यार्थियों का व्यक्तित्व विकास भी हो सकेगा।

Thursday, 11 May 2017

सेटेलाइट से जुड़ेंगे परिषदीय विद्यालय

सेटेलाइट से जुड़ेंगे परिषदीय विद्यालय

जल्द सेटेलाइट से जुड़ेंगे सभी परिषदीय विद्यालय, अच्छी खबर


परिषदीय विद्यालयों की जीआईएस मै¨पग के लिए अक्षांश व देशांतर को परियोजना कार्यालय को भेज दिया गया। नेटवर्क दिक्कत के कारण केवल 74 स्कूल इससे वंचित हुए हैं। जगदीश शुक्ला, बीएसए
महराजगंज निज संवाददाता बेसिक शिक्षा परिषद व उससे जुड़े स्कूलों को हाईटेक करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। सर्वशिक्षा अभियान के तहत बेसिक शिक्षा विभाग अपने सभी स्कूलों का जियोग्राफिक इंफार्मेशन सिस्टम (एमआईएस) मैप बनवा रहा है। इसके जरिए अब परिषदीय स्कूलों की भौगोलिक जानकारी लेनी आसान होगी। कौन स्कूल राजधानी से कितनी दूर कहां पर स्थित है? एक क्लिक करते ही जानकारी मिल जाएगी। सर्वशिक्षा अभियान के तहत जीआईएस मै¨पग के लिए 3449 स्कूलों में से 3375 का अक्षांश (लेटीट्यूड) एंड देशांतर (लोगीट्यूड) की सूचना बेसिक शिक्षा विभाग ने राज्य परियोजना कार्यालय को भेजी है। परियोजना कार्यालय लखनऊ एनआईसी से परिषद से जुड़े सभी स्कूलों का एमआईएस मैप बनवाएगा। जिले में बेसिक शिक्षा परिषद से जुड़े 3449 विद्यालय हैं। इसमें प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक विद्यालय के अलावा मान्यता प्राप्त निजी स्कूल व मदरसे भी शामिल हैं। इनकी भौगोलिक स्थिति जानने के लिए सर्वशिक्षा अभियान के राज्य परियोजना कार्यालय के निर्देश पर अक्षांश व देशांतर लेकर विभाग ने भेज दिया है। इससे विद्यालयों की लोकेशन देश के किसी भी हिस्से से आसानी से जानी जा सकेगी। बीएसए जगदीश शुक्ला ने सभी बीईओ को विद्यालयों की जीआईएस मै¨पग के लिए अक्षांश व देशांतर को यू-डायस पर भरने का निर्देश दिया था, जिसमें 3375 स्कूलों का काम पूरा हो गया है। डिजिटल इंडिया की पहुंच से दूर हैं 74 स्कूल: बेसिक शिक्षा परिषद से जुड़े स्कूलों को जियोग्राफिक इंफार्मेशन सिस्टम से जोड़ने के लिए एंड्रायड फोन के प्ले स्टोर से एप डाउनलोड कर गुरुजी अपने-अपने स्कूलों का अक्षांश एवं देशांतर ले रहे हैं, लेकिन जिले में 74 विद्यालय ऐसे हैं जो डिजिटल इंडिया की पहुंच से दूर हैं। इनमें मोबाइल फोन खिलौना सरीखा है। विद्यालय पर रहते हुए उससे न तो बात हो पाती है और ना ही इंटरनेट के जरिए किसी विभागीय सूचना की जानकारी शिक्षक ले पाते हैं। नेपाल बार्डर व सोहगीबरवा जंगल के चलते जिले के 74 विद्यालय किसी भी दूर संचार कम्पनी के नेटवर्क की जद से बाहर हैं।

Wednesday, 10 May 2017

शबे बारात को 12 के स्थान पर 11 मई को मनाये जाने के संबंध में DM एवं BSA द्वारा जारी आदेश देखें

शबे बारात को 12 के स्थान पर 11 मई को मनाये जाने के संबंध में DM एवं BSA द्वारा जारी आदेश देखें

शबे - बारात का अवकाश 11 मई को अब तक जिन जनपदों में घोषित हुआ है (अपडेटेड)

झांसी

मिर्जापुर

लखीमपुर

सुल्तानपुर

अम्बेडकरनगर

कौशाम्बी

बाराबंकी

रायबरेली

सीतापुर

सोनभद्र

चंदौली 

भदोही

बरेली

इटावा


बाकी जनपद अपडेट मिलने पर,


*उपरोक्त सूचना विभिन्न स्रोतों से प्राप्त है कृपया पुष्टि अवश्य कर लें,अपने जिले से सम्पर्क अवश्य करें*


फीस नियंत्रण के विधेयक पर विचार को समिति गठित

फीस नियंत्रण के विधेयक पर विचार को समिति गठित

राज्य ब्यूरो, लखनऊ : निजी विद्यालयों की मनमानी फीस वसूली को नियंत्रित करने के लिए शासन स्तर पर विचाराधीन उत्तर प्रदेश विद्यालय (फीस के संग्रहण का विनियमन) विधेयक, 2017 के प्रारूप पर विचार करने के लिए शासन ने नौ सदस्यीय समिति गठित कर दी है। यह समिति प्रस्तावित विधेयक के प्रारूप पर विचार करने के लिए समय-समय पर बैठकें करेंगी और शासन को अपने सुझाव देगी। माध्यमिक शिक्षा विभाग ने इस बारे में मंगलवार को शासनादेश जारी कर दिया है। 1प्रमुख सचिव माध्यमिक शिक्षा समिति के पदेन अध्यक्ष होंगे जबकि प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा, सचिव बेसिक शिक्षा, निदेशक माध्यमिक शिक्षा, निदेशक बेसिक शिक्षा और उच्च शिक्षा विभाग की विशेष सचिव मधु जोशी समिति के पदेन सदस्य होंगे। सेवानिवृत्त आइएएस अफसर व मेरठ स्थित दिल्ली पब्लिक स्कूल के प्रबंधक डॉ. ओम पाठक समिति में वित्तविहीन मान्यताप्राप्त माध्यमिक विद्यालय के प्रतिनिधि होंगे। वहीं प्रख्यात शिक्षाविद् के रूप में लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एसपी सिंह और एक विशेष आमंत्रित सदस्य भी समिति में शामिल किए गए हैं। 1राज्य ब्यूरो, लखनऊ : निजी विद्यालयों की मनमानी फीस वसूली को नियंत्रित करने के लिए शासन स्तर पर विचाराधीन उत्तर प्रदेश विद्यालय (फीस के संग्रहण का विनियमन) विधेयक, 2017 के प्रारूप पर विचार करने के लिए शासन ने नौ सदस्यीय समिति गठित कर दी है। यह समिति प्रस्तावित विधेयक के प्रारूप पर विचार करने के लिए समय-समय पर बैठकें करेंगी और शासन को अपने सुझाव देगी। माध्यमिक शिक्षा विभाग ने इस बारे में मंगलवार को शासनादेश जारी कर दिया है। 1प्रमुख सचिव माध्यमिक शिक्षा समिति के पदेन अध्यक्ष होंगे जबकि प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा, सचिव बेसिक शिक्षा, निदेशक माध्यमिक शिक्षा, निदेशक बेसिक शिक्षा और उच्च शिक्षा विभाग की विशेष सचिव मधु जोशी समिति के पदेन सदस्य होंगे। सेवानिवृत्त आइएएस अफसर व मेरठ स्थित दिल्ली पब्लिक स्कूल के प्रबंधक डॉ. ओम पाठक समिति में वित्तविहीन मान्यताप्राप्त माध्यमिक विद्यालय के प्रतिनिधि होंगे। वहीं प्रख्यात शिक्षाविद् के रूप में लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एसपी सिंह और एक विशेष आमंत्रित सदस्य भी समिति में शामिल किए गए हैं।

अब ‘मां’ परखेगी मिड-डे मील की गुणवत्ता

अब ‘मां’ परखेगी मिड-डे मील की गुणवत्ता

आदेश

राज्य ब्यूरो, लखनऊ : परिषदीय स्कूलों में बच्चों को उपलब्ध कराए जाने वाले मिड-डे मील की निगरानी अब ‘मां’ करेंगी। ‘मां’ दरअसल इन स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की माताओं की छह सदस्यीय समिति होगी, जो स्कूलों में जाकर भोजन की गुणवत्ता परखेगी। जनसहभागिता के आधार पर गठित की जाने वाली इन समितियों में सभी वर्गों की उन महिलाओं को शामिल किया जाएगा जो घर से निकल कर इस काम की इच्छुक हों। बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अनुपमा जायसवाल ने पूरे प्रदेश में 20 मई से पहले इन समितियों का गठन करने का निर्देश दिया है।

रजिस्टर पर लगे शिक्षकों की फोटो : मंगलवार को योजना भवन में विभाग के कामकाज की समीक्षा के लिए बुलाई गई बैठक में उन्होंने स्कूलों में शिक्षकों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने पर जोर दिया। फर्जी शिक्षकों के पढ़ाने की शिकायतों के मद्देनजर उन्होंने स्कूलों में उपस्थिति रजिस्टर के पहले पन्ने पर सभी शिक्षकों की फोटो लगाने का निर्देश दिया।

अनुपस्थित बच्चों के घर जाएं शिक्षक : स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने के लिए मंत्री ने जनसहभागिता बढ़ाने के साथ जागरूकता अभियान चलाने के लिए कहा। बच्चों की अनुपस्थिति पर प्रधानाचार्य और शिक्षक को उनके घर जाकर अभिभावकों से संपर्क करने की हिदायत दी।

छात्रों को आधार से जोड़ें : मंत्री ने कक्षा एक से आठ तक के सभी छात्र-छात्रओं को आधार नंबर से जोड़ने के भी निर्देश दिए। बच्चों के अनुपात के अनुरूप कलासरूम और शौचालय की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के लिए कहा। अधिकारियों को रोजाना स्कूलों का निरीक्षण करने तथा वर्तमान शिक्षा व्यवस्था को सुधारने की हिदायत दी। चेताया भी कि अधिकारी कर्मचारी की लापरवाही पाये जाने पर सख्त कार्यवाही की जाएगी।

स्कूल को गोद लें अधिकारी : मंत्री ने कहा कि हर अधिकारी एक परिषदीय स्कूल को गोद ले और यह प्रयास करे कि अंगीकृत विद्यालय को शिक्षा, पंचायती राज, ग्राम्य विकास विभागों के साथ जनसहभागिता प्राप्त करने के लिए सभी सुविधाएं उपलब्ध हों।

सफाई पर जोर : मंत्री ने स्कूलों में सफाई का कार्य ग्राम पंचायत स्तर पर तैनात सफाई कर्मी से नियमित रूप से कराने का निर्देश दिया। यह भी ताकीद किया कि यदि सफाई कर्मचारी नियमित रूप से स्कूल में सफाई नहीं करता है तो खंड विकास अधिकारी/ जिला पंचायत अधिकारी को सूचित कर उनके खिलाफ कार्यवाही की जाए।

स्कूलों के विद्युतीकरण को प्राथमिकता : मंत्री ने प्राथमिकता के आधार पर स्कूलों में विद्युतीकरण कार्य पूर्ण कराने का निर्देश दिया। जुलाई में सभी बच्चों को किताबें, यूनिफॉर्म और स्कूल बैग मुहैया कराने के लिए कहा।

नई यूनिफॉर्म में नजर आएंगे बच्चे : परिषदीय स्कूलों के बच्चे जुलाई से गहरे गुलाबी व लाल रंग की चेकदार शर्ट और भूरे रंग की पैंट/स्कर्ट में नजर आएंगे। 1’>>भोजन की निगरानी करेंगी बच्चों की माताओं की छह सदस्यीय समितियां 1’>>सभी छात्रों को आधार से जोड़ने का बेसिक शिक्षा मंत्री का निर्देश1

9 मई की सुप्रीम कोर्ट सुनवाई पर हिमांशु राणा की पोस्ट

नमस्कार मित्रों ,

आज बहुत ही सकरात्मक रहा है सबकुछ , शिक्षामित्रों के मुद्दे पर शुरू से अंत तक लड़ते आ रहे अधिवक्ता आनंद नंदन जी ने पूरा गेम पलट दिया है , समायोजन अपनी अंतिम सांस ले रहा है इसके अलावा मर्सी के आधार पर शायद इनको टेट परीक्षा से मुखातिब होना पड़े |

बीएड वालों के लिए आज शिक्षामित्र योजना को पूरा दर्शा दिया है कि जब एलिजिबल लोग थे तो फिर इलीगल अपॉइंटमेंट क्यों किये सरकार ने ? न्यायमूर्ति गोयल साहब ने इसको नोट भी किया |

वरिष्ठ अधिवक्ता श्री सिब्बल साहब ने शिक्षामित्रों को बचाने के लिए स्वतः ही डेढ़ लाख पर हमें अप्पोइंट करने का इसको हमारे अधिवक्ताओं द्वारा सपोर्ट करके मेंशन करा दिया है |

इससे पूर्व वर्गीकरण पर वरिष्ठ अधिवक्ता अजीत कुमार सिन्हा जी के arguements को हमारे अधिवक्ता श्री अमित पवन जी ने साइटेशन दिखाकर काट दिया |

अगली सुनवाई 17 मई को दोपहर नियमित समय बाद चालू होगी |

हर हर महादेव

धन्यवाद

आपका____हिमांशु राणा

नोट :- याद रखना "जब तक तोड़ेंगे नहीं , तब तक छोड़ेंगे नहीं |"

Friday, 5 May 2017

Agra Teachers

Dear Madam,

     Welcome to *👊🏻AGRA TEACHERS👊🏻*.  This is a unique effort to unite all the private teachers of Agra. This is a plateform to discuss your issues and to encourage others by sharing ur achievements.

     _Please try to maintain the dignity of this group and your designation._

Regards

😈

Thursday, 4 May 2017

स्थानांतरण नीति जारी, प्रभावित होंगे कई अधिकारी

स्थानांतरण नीति जारी, प्रभावित होंगे कई अधिकारी

जागरण संवाददाता, एटा: सूबे की नई सरकार की स्थानांतरण नीति का इंतजार मंगलवार को खत्म हो गया। प्रदेश सरकार ने स्थानांतरण नीति जारी कर दी। नीति के अनुसार, जिले के भी कई अधिकारी व कर्मचारी इससे प्रभावित होना तय हैं। 30 जून तक अलग-अलग स्तर पर यह प्रक्रिया जारी रहेगी।
जिले में कई क और ख श्रेणी के अंतर्गत आने वाले अधिकारी काफी समय से जिले में मौजूद हैं। वहीं कर्मचारियों का भी यही हाल है। पिछली सपा सरकार में आए तमाम अधिकारी, कर्मचारियों को पांच साल या उससे भी ज्यादा का समय हो चुका है। इन हालातों में प्रदेश की सरकार बदलने के बाद से ही अधिकारी, कर्मचारियों में इस बात को बेसब्री थी कि नई सरकार अपनी तबादला नीति में क्या तय करेगी। मंगलवार को स्थानांतरण नीति जारी होने के बाद साफ हो गया है कि कोई भी अधिकारी एक जिले में तीन साल और मंडल में सात वर्ष का कार्यकाल 31 मार्च को पूरा कर चुके हैं उन्हें स्थानांतरित किया जाएगा। अधिकारियों के स्थानांतरण शासन और विभाग स्तर से होंगे।
वहीं जिले में यह प्रक्रिया विभागाध्यक्षों द्वारा की जाएगी। विभागीय कर्मचारियों के लिए भी यह तय किया गया है कि ग समूह के कार्मिक तीन साल से ज्यादा किसी एक पटल पर न रहें। दिव्यांगों अधिकारी, कर्मचारियों को सरकार ने जरूर राहत दी है। उन्हें तबादला नीति से मुक्त रखा गया है। जिले की स्थिति पर गौर करें तो नई स्थानांतरण नीति के दायरे में कई प्रशासनिक, तहसील, परिवहन, कृषि विभाग, शिक्षा विभाग, विकास विभाग के भी कई अधिकारी प्रभावित होंगे। वहीं कार्मिकों को देखा जाए तो लगभग अधिकांशत: विभागों में दर्जनों लिपिक ऐसे हैं जो वर्षों से एक ही पटल पर जमे हुए हैं। नीति जारी होने के बाद अधिकारी, कर्मचारी भी अब तबादला सूचियां आने का इंतजार करने लगे हैं।

तो शायद उन्हें भी मिल जाएगी राहत

सपा शासन में तमाम परिषदीय शिक्षक राजनीति के शिकार रहे हैं। अब तबादला नीति के अंतर्गत उन्हें भी स्थानांतरण की उम्मीद जगी है। कई शिक्षक ऐसे हैं जो पांच साल से भी ज्यादा समय पिछड़े क्षेत्रों में गुजार चुके हैं, लेकिन अब तक उनकी विभाग ने सुनवाई नहीं की। वहीं तमाम ऐसे हैं जिन्होंने कम शिक्षा वाले क्षेत्रों का अब तक मुंह नहीं देखा है.