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Wednesday, 26 April 2017

सीबीएसई की तर्ज पर छुट्टियों की मांग

सीबीएसई की तर्ज पर छुट्टियों की मांग*

जासं, ग्रेटर नोएडा : प्राथमिक शिक्षक संघ की एक बैठक बुधवार को उच्च प्राथमिक विद्यालय तुगलपुर में हुई। इसमें अध्यापकों ने महापुरुषों की जयंती पर होने वाली छुट्टियों को रद करने के फैसले का स्वागत करते हुए शासन से सीबीएसई की तर्ज पर छुट्टियों की मांग की। प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाअध्यक्ष मेघराज भाटी ने बताया कि सुविधा के नाम पर बेसिक शिक्षकों के साथ दोहरे मापदंड अपनाए जा रहे हैं, जबकि राजकीय व केंद्रीय विद्यालयों के शिक्षकों व कर्मचारियों को तीस दिन का अवकाश व चिकित्सा सुविधाएं दी जाती हैं। वहीं, बेसिक शिक्षकों को इस तरह की कोई सुविधा नहीं दी जाती है। उन्होंने बताया कि जल्द ही शिक्षक संघ पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करने व शिक्षकों को राज्य कर्मचारी का दर्जा दिए जाने समेत अन्य मांगों को जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री के समक्ष रखेगा। इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षकों समेत कार्यकारिणी के अन्य सदस्य मौजूद रहे।*

जासं, ग्रेटर नोएडा : प्राथमिक शिक्षक संघ की एक बैठक बुधवार को उच्च प्राथमिक विद्यालय तुगलपुर में हुई। इसमें अध्यापकों ने महापुरुषों की जयंती पर होने वाली छुट्टियों को रद करने के फैसले का स्वागत करते हुए शासन से सीबीएसई की तर्ज पर छुट्टियों की मांग की। प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाअध्यक्ष मेघराज भाटी ने बताया कि सुविधा के नाम पर बेसिक शिक्षकों के साथ दोहरे मापदंड अपनाए जा रहे हैं, जबकि राजकीय व केंद्रीय विद्यालयों के शिक्षकों व कर्मचारियों को तीस दिन का अवकाश व चिकित्सा सुविधाएं दी जाती हैं। वहीं, बेसिक शिक्षकों को इस तरह की कोई सुविधा नहीं दी जाती है। उन्होंने बताया कि जल्द ही शिक्षक संघ पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करने व शिक्षकों को राज्य कर्मचारी का दर्जा दिए जाने समेत अन्य मांगों को जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री के समक्ष रखेगा। इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षकों समेत कार्यकारिणी के अन्य सदस्य मौजूद रहे।

शिक्षामित्रों के भाग्य के फैसले पर सुनबाई लगातार सुप्रीम कोर्ट मे होगी


शिक्षामित्रों के भाग्य के फैसले पर सुनबाई लगातार सुप्रीम कोर्ट मे होगी


 यूपी के प्राथमिक स्कूलो की सभी भर्तियो शिक्षामित्र समायोजन, 72825 शिक्षक भर्ती व एकेडमिक मैरिट पर बीटीसी टीईटी उतीर्ण शिक्षकों की नियुक्ति की सुनवाई आज 26 अप्रैल 2017 को माननीय सुप्रीम कोर्ट मे जस्टिस आदर्श गोयल, जस्टिस यू. यू. ललित की बेन्च नम्बर 13, आईटम नम्बर 33 पर लन्च से पहले लगभग 17 मिनट हुई! बाद न्यायमुर्ती ने केस पास ओवर करते हुये सुनबाई करने के लिये लन्च के बाद लगा दिया! जिसमे सरकारी अधिवक्ता व संगठन के अधिवक्ताओ ने शिक्षामित्रो का पक्ष मजबूती से रखने की पूरी तैयारी कर ली थी, परन्तु कोर्ट डिसचार्ज हो गई और कल सुनबाई कांटीन्यू रखने को कहा, अब कल पहले 72825, फिर एकेडमिक शिक्षक भर्ती पर फाईनल सुनबाई होगी! तब बाद मे शिक्षामित्र मेटर पर अन्त मे सुनबाई होगी! बताते चले कि माननीय हाईकोर्ट इलाहाबाद से शिक्षामित्रो का समायोजन निरस्त होने के बाद सरकार व दूरस्थ बीटीसी शिक्षक संघ ने सर्वोच्च न्यायालय मे slp दायर कर हाईकोर्ट के निर्णय पर स्थगन आदेश का अनुरोध किया था! जिसपर कोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेश पर स्टे दिया था, जिसपर माननीय सुप्रीम कोर्ट अब लगातार सुनबाई कर फैसला दिया जायेगा! ऊधर आज सुबह दूरस्थ बीटीसी शिक्षक संगठन के पदाधिकारियो ने भारत के गृहमंत्री माननीय राजनाथ सिहं से मुलाकात कर शिक्षामित्रो की पैरवी अच्छे अधिवक्ताओ से कराने का अनुरोध किया था, जिसपर माननीय द्वारा संगठन को पूर्ण आश्वासन दिया है! कोर्ट ने साफ कहा है कि सभी मेटर क्रमबद्ध तरीके से सुने जायेगे! और अब हम इस मेटर को फाईनल करेगे, बताते चले कि सरकार ने अपना शपथ पत्र भी कोर्ट मे दाखिल किया है! जिसमे शिक्षामित्रो को शिक्षको के स्थान पर दिखाया है! शीर्ष कोर्ट में एक लाख 70 हजार शिक्षामित्रों के समायोजन, 72 हजार शिक्षक भर्ती व टीईटी उत्तीर्ण युवाओं के प्रकरण की सुनवाई होनी है। जो पिछले दो वर्षो से बेसिक शिक्षा परिषद के शिक्षकों की सुनवाई कोर्ट से लगातार टल रही है। इससे करीब दो लाख 75 हजार शिक्षकों की तस्वीर साफ नहीं हो पा रही है। उम्मीद है कि इस बार सुनवाई आगे नही बढ़ेगी। और सूबे के बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में 1 लाख 37 हजार शिक्षामित्रों को सहायक अध्यापक के पद पर समायोजित किया जा चुका है, लेकिन इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 12 सितंबर 2015 को उनका समायोजन रद्द कर दिया था। इस आदेश के बाद करीब 32 हजार शिक्षामित्रों का समायोजन भी रोक दिया गया था। सरकार ने हाईकोर्ट के आदेश को शीर्ष कोर्ट में चुनौती दी थी। सर्वोच्च न्यायालय ने सात दिसंबर 2015 को समायोजित शिक्षामित्रों को राहत देते हुए हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी थी। इसके साथ ही 72825 शिक्षकों की भर्ती टीईटी मेरिट व बीटीसी अभ्यर्थियों की भर्ती एकेडमिक मेरिट पर हुई थी। साथ ही 12091 की नियुक्ति, 1100 याची प्रकरण आदि मामले शीर्ष कोर्ट के अंतिम फैसले के अधीन हैं। इन सभी मामलों की सुनवाई आज 26 अप्रैल को होनी थी, शीर्ष कोर्ट मे जस्टिस आदर्श गोयल व जस्टिस यू.यू. ललित की बेंच इन मामलों की सुनवाई करेगी। पहले इस प्रकरण की सुनवाई जस्टिस दीपक मिश्रा व जस्टिस खानवेलकर कर रहे थे, लेकिन दोनों ने सुनवाई करने से इन्कार कर दिया था, तब नई बेंच का गठन किया गया है। अब सभी की निगाहें सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर टिकी हैं। ऊधर सरकार की ओर से भी शिक्षामित्रो की मजबूत पैरवी के लिये शासन स्तर पर तैयारी चल रही है! शिक्षामित्रो की ओर से पैरवी हेतु सुप्रीम कोर्ट के जाने माने बरिष्ठ अधिवक्ताओ को पैरवी कराने की जिम्मेदारी सौपी गई है!

27 /4/17 ki sunvaai ke liye Morcha parivar ki post

✍🏻... मोर्चा परिवार
साथियों नमस्कार,,,,
🚩🚩🚩👁🚩🚩🚩
सुप्रीम कोर्ट - - - - - - - -
🕹कल

*दिनांक 27-04-2017.. सुनवाई कोर्ट नं० 13 न्यायाधीश आदर्श कुमार गोयल और यू यू ललित जी की वेंच में - - -*

सभी मुकदमों से वंच मैटर की सिविल अपील 4347-4375, की सुनवाई *आइटम नंबर 14*......
💯Ⓜ *जूनियर भर्ती*
धन्यवाद,,,,kuch achha ho jaye

Case Update 6

सुनवाई अब कल होगी

25 no. केस 4 बजै तक चलेगा

Case Update 5

सुनवाई के क्रम निर्धारित             

   1- टेट बनाम अकेमदिक           

    2-सभी कंटेप्ट                           

3-उसके बाद शिक्षामित्र मेटर        

  Note-: सभी लालुपञ्जु वकील व् क्लर्क की एंट्री बंद रहेगी आज        

Case Update 4

उत्तर-प्रदेश के प्राथमिक शिक्षक भर्ती की माननीय सर्वोच्च न्यायालय के कोर्ट न०11 में आइटम न०33 पर लगे मामले की सुनवाई आज लगभग 15 मिनट तक हुई। आज ही लंच बाद मामले की सुनवाई जारी रहेगी....प्रबल सम्भावना कि आज से कल तक में कुछ ठोस निर्णय आ जाए।

Case Update 2

सबसे पहले 4347(12&15&16th अमेंडमेंट) फिर कंटेम्प्ट फिर शिक्षामित्र मामला सुना जायेगा
कोर्ट में क्लाइंट और एडवोकेट के क्लर्क की एंट्री भी बन्द और सिर्फ एडवोकेट वह भी गाउन वाले allow
वृजेन्द्र कश्यप

Case update 3

सुनवाई समाप्त । विस्तृत जानकारी थोड़ी देर में

केस पास ओवर लंच के बाद या पहले ही सुनवाई दोबारा भीड़ की बजह से हुआ पास ओवर * NEWS BY वृजेन्द्र कश्यप

SC case Update 1

UPTET 72825 - SHIKSHAMITRA केस की सुनवाई 25 मिनट से लगातार जारी

Tuesday, 25 April 2017

मोदी सरकार की कसौटी पर ‘मिड डे मील’

मोदी सरकार की कसौटी पर ‘मिड डे मील’

जागरण विशेष

मुकेश केजरीवाल ’ नई दिल्ली1देशभर के 11 लाख से ज्यादा सरकारी स्कूलों के 10 करोड़ से ज्यादा बच्चों तक पहुंच रही ‘मिड डे मील’ योजना अब मोदी सरकार की कसौटी पर है। सरकार ने दो दशक से ज्यादा पुरानी इस योजना की पहली व्यापक समीक्षा की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अगले छह महीनों में यह तय किया जाएगा कि इस योजना को मौजूदा स्वरूप में जारी रखना है या नहीं।1मानव संसाधन विकास मंत्रलय के एक वरिष्ठ सूत्र के मुताबिक, ‘यह अपनी तरह की ऐसी पहली व्यापक समीक्षा होगी जिसमें यह देखा जाएगा कि यह कार्यक्रम वास्तव में अपने उद्देश्य और इससे संबंधित लक्ष्य को कितना हासिल कर पा रहा है।’ यूं तो इस बेहद महत्वाकांक्षी केंद्रीय योजना की नियमित समीक्षा के लिए कई व्यवस्थाएं की गई हैं। वर्ष 2009 से हर वर्ष मंत्रलय के साझा समीक्षा मिशन (जेआरएम) के तहत इसका आकलन किया जाता है। इसी तरह वर्ष 2014 में एक विशेष आकलन किया गया था। लेकिन, वह सिर्फ एक-दो राज्यों तक सीमित था। इस लिहाज से अब तक की सबसे बड़ी समीक्षा वर्ष 2010 में योजना आयोग ने की थी। लेकिन, ताजा समीक्षा का दायरा काफी व्यापक होगा। 1इसके लिए पेशेवर एजेंसी के चयन की प्रक्रिया चल रही है। इसे तीन महीने की अवधि में 20 राज्यों के 70 जिलों में जमीनी स्तर पर आंकड़े जुटाकर उनका विश्लेषण करना है। इसके लिए हर जिले में 40 स्कूलों का अध्ययन किया जाएगा। अगस्त तक इस प्रक्रिया को पूरा कर लेना है। इस समीक्षा के दौरान मिड डे मील योजना के हर पहलू और हर स्तर पर विचार किया जाएगा। 1देखा जाएगा कि केंद्र सरकार के खजाने से लेकर बच्चों की थाली तक सरकारी धन किस तरह पहुंच रहा है। वास्तव में इस योजना से स्कूलों में बच्चों की संख्या और नियमित रूप से उनकी उपस्थिति बढ़ी या नहीं।मुकेश केजरीवाल ’ नई दिल्ली1देशभर के 11 लाख से ज्यादा सरकारी स्कूलों के 10 करोड़ से ज्यादा बच्चों तक पहुंच रही ‘मिड डे मील’ योजना अब मोदी सरकार की कसौटी पर है। सरकार ने दो दशक से ज्यादा पुरानी इस योजना की पहली व्यापक समीक्षा की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अगले छह महीनों में यह तय किया जाएगा कि इस योजना को मौजूदा स्वरूप में जारी रखना है या नहीं।1मानव संसाधन विकास मंत्रलय के एक वरिष्ठ सूत्र के मुताबिक, ‘यह अपनी तरह की ऐसी पहली व्यापक समीक्षा होगी जिसमें यह देखा जाएगा कि यह कार्यक्रम वास्तव में अपने उद्देश्य और इससे संबंधित लक्ष्य को कितना हासिल कर पा रहा है।’ यूं तो इस बेहद महत्वाकांक्षी केंद्रीय योजना की नियमित समीक्षा के लिए कई व्यवस्थाएं की गई हैं। वर्ष 2009 से हर वर्ष मंत्रलय के साझा समीक्षा मिशन (जेआरएम) के तहत इसका आकलन किया जाता है। इसी तरह वर्ष 2014 में एक विशेष आकलन किया गया था। लेकिन, वह सिर्फ एक-दो राज्यों तक सीमित था। इस लिहाज से अब तक की सबसे बड़ी समीक्षा वर्ष 2010 में योजना आयोग ने की थी। लेकिन, ताजा समीक्षा का दायरा काफी व्यापक होगा। 1इसके लिए पेशेवर एजेंसी के चयन की प्रक्रिया चल रही है। इसे तीन महीने की अवधि में 20 राज्यों के 70 जिलों में जमीनी स्तर पर आंकड़े जुटाकर उनका विश्लेषण करना है। इसके लिए हर जिले में 40 स्कूलों का अध्ययन किया जाएगा। अगस्त तक इस प्रक्रिया को पूरा कर लेना है। इस समीक्षा के दौरान मिड डे मील योजना के हर पहलू और हर स्तर पर विचार किया जाएगा। 1देखा जाएगा कि केंद्र सरकार के खजाने से लेकर बच्चों की थाली तक सरकारी धन किस तरह पहुंच रहा है। वास्तव में इस योजना से स्कूलों में बच्चों की संख्या और नियमित रूप से उनकी उपस्थिति बढ़ी या नहीं।’>>पहली बार इतने व्यापक स्तर पर समीक्षा, अगस्त तक होगी पूरी1’>>खजाने से बच्चों की थाली तक के धन के सफर का होगा आकलन1क्या हैं पैमाने1’>>छात्रों की कुल संख्या व उपस्थिति में क्या बदलाव आया1’>>वास्तव में बच्चों के पोषण की स्थिति बेहतर हुई या नहीं1’>>किस राज्य में कितने प्रभावी तरीके से अमल में लाई जा रही1’>>हर स्तर पर रिकार्ड रखने की कैसी है व्यवस्था 1’>>वित्तीय प्रबंधन और निगरानी की व्यवस्था कितनी उपयुक्त1’>>स्कूलों में दलित, आदिवासी, अल्पसंख्यक भागीदारी कितनी बढ़ी1’>>परोसे जाने वाले खाने की गुणवत्ता कैसी है